जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर-मंडी राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर गुम्मा में हुए हादसे में मारे गए कारोबारी के बेटे तनिष्क का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उसकी छोटी बहन प्रिया ने मुखाग्नि दी। इस गमगीन दृश्य को देख हर किसी की आंख भर आई। इस हादसे ने परिवार का इकलौता चिराग बुझा दिया। अचानक हुए हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। किसी को इसका अंदेशा भी नहीं था कि घूमने जा रहा उनका बेटा कभी वापस नहीं आएगा। सड़क पर पड़ी बजरी इस हादसे का मुख्य कारण बताया जा रहा है। न तो बजरी में बाइक स्किड होती और न ही यह हादसा होता। इस हादसे में जहां परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया वहीं पर छोटी बहन का भाई भी हमेशा के लिए उसका साथ छोड़ गया। हादसे के बाद क्षेत्र में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। किसे मालूम था कि 20 वर्षीय तनिष्क जो मंगलवार को अपने माता-पिता से आज्ञा लेकर बरोट को खुशी-खुशी घूमने के लिए जा रहा था, कभी लौटकर नहीं आएगा। तनिष्क पठानकोट में मर्चेंट नेवी के लिए कोचिंग ले रहा था और कुछ दिन पहले ही वह घर छुट्टी पर आया था। उसकी छोटी बहन प्रिया हाल ही में दस जमा दो करने के बाद साईं यूनिवर्सिटी पालमपुर में उच्च पढ़ाई के लिए गई है। हालांकि तनिष्क का दोस्त आशीष चौहान इस हादसे में सुरक्षित बच गया, उसे मामूली चोटें आई हैं। तनिष्क के पिता राजेंद्र कुमार जोगिंद्रनगर शहर में ही व्यापार करते हैं। जैसे ही उन्हें इस घटना की सूचना मिली मानो उनका शरीर पत्थर बन गया, वह कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दे पाए। उधर, तनिष्क के परिजनों को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि अब उनका दिल का टुकड़ा और घर का चिराग उनके बीच में नहीं रहा है। मां और बहन का रो-रो कर बुरा हाल है। जहां मां अपने कलेजे के टुकड़े को तलाश कर रही है वहीं, छोटी बहन अपने भाई की इस मौत से बदहवास है।