मंडी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दो) कृष्ण कुमार की अदालत ने कत्ल के एक मामले के आरोपी को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं के तहत कठोर उम्रकैद के अलावा दो वर्ष और छह माह के कारावास और बीस, पांच और दो हजार जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। जुर्माना राशि समय पर अदा न करने की सूरत में एक साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए उप जिला न्यायवादी भीष्म चंद ने 19 गवाहों के बयान कलमबंद करवा कर आरोप को साबित किया। बल्ह थाना के अंतर्गत मस्याहण (बग्गी) गांव निवासी कश्मीर सिंह पुत्र चेत राम के खिलाफ भादंसं की धारा 302, 201 और शस्त्र अधिनियम की धारा 30 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि ससुर के खिलाफ दुराचार की शिकायत दर्ज करवाने का बदला लेने के लिए ससुर ने ही बहू के भाई की गोली मार कर हत्या कर दी है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी ससुर कश्मीर सिंह की ओर से दुराचार करने के कारण पीड़िता अपनी माता और भाई के साथ शिकायत करने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय मंडी गई हुई थी। शिकायत दर्ज करवाने के बाद वह अपनी माता और भाई के साथ शाम के समय अपने मायके लौट गई थी। रात करीब पौने नौ बजे पीड़िता और उसकी माता ने गोली चलने की आवाज सुनी। जैसे ही वह कमरे से बाहर निकली तो देखा कि उसका ससुर कश्मीर सिंह बंदूक लेकर भाग रहा था। जब वह अपने भाई दलीप के कमरे की ओर गई तो वह वहां पर घायल अवस्था में खून से लथपथ पड़ा हुआ था। जिसकी बाद में मौत हो गई। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करके आरोपी को हिरासत में लिया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए उप जिला न्यायवादी भीष्म चंद ने 19 गवाहों के बयान कलमबंद करवा कर आरोप को साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ हत्या करने, सबूतों को मिटाने और शस्त्र अधिनियम के तहत संदेह की छाया से दूर अभियोग साबित हुआ है। जिसके चलते अदालत ने दोषी को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।