रेकी कर तैयारी के साथ आए थे शातिर
पुलिस के पहरे पर भी किया था वर्क
मंझे हुए चोरों ने प्रोफेशनल तरीके से दिया सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम
चार बजे सबसे कम गश्त की संभावना का उठाया फायदा
खास उपकरण से सेंटर लाकिंग से उठाए गए शटर
त्रिपुरारी सांख्यान
मंडी। शहर में चोरी की वारदातों को जिस तरीके से अंजाम दिया गया है, उससे प्रतीत होता है कि चोर मंझे हुए थे। एक घंटे में ही तीन दुकानों के सेंटर लाकिंग को खास उपकरण से निकालकर शटर उठाने का चोरी का तरीका बिल्कुल प्रोफेशनल प्रतीत होता है। खास बात यह है कि चोरों ने लॉक उखाड़ने और शटर उठाने के दौरान कोई बड़ी आवाज भी नहीं की है, जिससे की आसपास कोई उठ जाए। वहीं, सुबह साढ़े तीन से साढ़े चार बजे सबसे कम गश्त के चांसेस में चांस लेना भी हैरत में डालने वाला है।
यह तभी संभव है जब चोरों ने पूरी तरह से होमवर्क किया हो। ऐसा लग भी रहा है कि चोरों ने पहले शहर और बड़ी दुकानों की रेकी की औैर पुलिस के पहरे को भी ध्यान में रखते हुए पूरा प्लान बनाया। उन्होंने इस बात की गहनता से जांच पड़ताल की थी कि किस समय कहां पर पुलिस के कर्मचारी होते हैं। दोनों सीसीटीवी फुटेज में चोरों में समन्वय/तालमेल भी गजब का लग रहा है।
यह है सीसीटीवी में
ये चोरियां 3: 30 से लेकर 4:30 तक के समय में ही की गई हैं। वीडियो फुटेज में देखा गया है कि 7 से 8 लोग, जिनके चेहरे पूरी तरह से ढके हुए हैं पूरी तैयारी के साथ शहर में एंट्री करते हैं। 3 बजकर 50 मिनट पर वे महामृत्युंजय मंदिर के सामने स्थित भारद्वाज बर्तन भंडार में चोरी के लिए शट्टर के तालों को बिना तोड़े ही सेंटर लॉक को निकालकर शट्टर को खोलकर वहां से नकदी लेकर चले जाते हैं। 4:30 बजे वे पठानिया आईजोन इलेक्ट्रॉनिक्स में भी इसी तरह से शट्टर को खोलकर वहां बिना किसी सामान को इधर-उधर बिखेरे और शोर किए वहां से 13 लैपटॉप चोरी कर ले गए। शट्टर का सेंटर लॉक जिस तरह से खोला गया है और बिना तोड़फोड़ और शोर के बड़ी ही आसानी से चोरियां की गई हैं इससे यह प्रमाणित होता है कि चोर पूरी तरह से अपने काम में प्रशिक्षित हैं। उधर, बिंद्रा ज्वैलर्स के सीसीटीवी बंद होने के कारण फुटेज रिकॉर्ड नहीं हो पाई है।