साढ़े आठ लाख रुपये के चेक बाउंस का आरोपी बरी
पीएनबी जंजैहली आरोप साबित करने में नाकाम
उपमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी गोहर की अदालत ने सुनाया फैसला
ृअमर उजाला ब्यूरो
चैलचौक/ जंजैहली/ थुनाग (मंडी)। बैंक से लिए कर्ज की किस्तें चुकाने की एवज में दिए गए साढ़े आठ लाख रुपये का एक चेक बाउंस होने के एक आरोपी को न्यायिक दंडाधिकारी गोहर अशोक कुमार वत्सल की अदालत ने तथ्य साबित न होने पर बरी कर दिया है । यह मामला पंजाब नेशनल बैंक शाखा जंजैहली की ओर से अदालत में पेश किया गया था। शिकायत के अनुसार भीमा राम पुत्र भदरू निवासी मझाखल डाकघर जरोल तहसील थुनाग ने बैंक शाखा से जूट बैग और दरी इंडस्ट्री के लिए लोन लिया था, जबकि बैंक के कर्जदार ने लोन सिक्योरटी में किस्तों के तौर पर एक चेक दे रखा था। बैंक को लोन की किस्तें समय पर अदा न करने पर जब बैंक अधिकारियों ने कर्ज वसूली को चेक लगाया तो चेक बाउंस हो गया। बैंक प्रबंधक ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी गोहर की अदालत में आरोपी से रिकवरी के लिए एक मुकदमा पेश किया। जहां सब जज गोहर अशोक कुमार वत्सल की अदालत ने वादी की ओर से पुख्ता सबूत साबित न होने पर साढ़े आठ लाख रुपये के चेक में बने आरोपी को बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ललित कुमार ठाकुर ने अदालत से चेक के केस में आरोपी को बरी करने की पुष्टि की है। कर्जे की किस्तों के तौर पर दिए गए चेक बाउंस हो जाने से किस्तों की वसूली को लेकर बैंक अधिकारी सकते में आ गए थे। अधिकारियों ने तुरंत अपने वकील के माध्यम से बैंक कर्जदार को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर नोटिस का जबाव देने और किस्तें जमा करने का अल्टीमेटम दिया। कर्जदार की ओर से किस्तें जमा करना तो दूर मगर नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। बैंक के अधिवक्ता ने बाउंस चेक को लेकर गोहर की अदालत में केस दायर कर दिया। वहीं अभियोजन पक्ष ने भी अदालत में अपने केस की पैरवी के लिए अधिवक्ता ललित कुमार ठाकुर को नियुक्त किया। अभियोजन पक्ष की पुख्ता दलीलों के आधार पर अदालत ने वादी पक्ष की ओर पेश किए गए साक्ष्यों को सिरे से खारिज कर दिया ।