बरोट (मंडी)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरोट में व्यक्ति की मौत पर तीमारदारों ने खूब बवाल मचाया। मौके पर मौजूद चिकित्सक और स्टाफ ने मौत का कारण हृदयाघात बताया लेकिन तीमारदारों ने एक नहीं सुनी। वे गाली गलौज और हाथापाई पर उतारू थे। आरोप है कि नशे में धुत्त तीमारदारों ने महिला चिकित्सक और स्टाफ नर्स के साथ अभद्र व्यवहार किया। अन्य मरीजों के लिए भी परेशानी का सबब बन गए तो स्टाफ ने पुलिस स्टेशन पधर में सूचना दी। कोटरोपी में हाईवे बंद होने के कारण पुलिस को बरोट पहुंचने में 3 घंटे लग गए। इस दौरान स्टाफ ने तीमारदारों से शव का पोस्टमार्टम करवाने की बात कही लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। साथ ही शव को घर ले जाने से भी मना कर दिया। रातभर शव अस्पताल में ही पड़ा रहा। इससे अन्य दाखिल मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, वहीं स्टाफ ने भी रात दहशत में काटी। सुबह पुलिस के समझाने के बाद शव को परिजन घर ले गए। सीएचसी में घटना के वक्त तैनात महिला चिकित्सक ने सीएमओ और बीएमओ को शिकायत सौंपी है और रात के समय सुरक्षा की गुहार लगाई है। आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। मामला 20 अगस्त का है। उधर, बीएमओ डॉ. शेखर ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा के मामला सीएमओ को भेज दिया है। साथ ही पुलिस को भी इस संदर्भ में सूचित कर दिया गया है।
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मेडिकल एसोसिएशन उखड़ी, मांगी सुरक्षा
प्रकरण पर हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने पुलिस के लेट पहुंचने पर सवाल खड़े किए हैं। प्रेस सचिव दीपक गुप्ता ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरोट में 20 अगस्त रात्रि के समय महिला चिकित्सक के साथ अभद्र व्यवहार किया है। पुलिस के लेट पहुंचने पर भी संघ ने सवाल उठाए हैं। संघ ने खंड चिकित्सा अधिकारी पधर से अनुरोध किया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरोट में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाई जाए।
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बरोट में पुलिस चौकी खोले सरकार
बरोट पंचायत की प्रधान रंजना देवी, सीता राम, कृष्ण, चमेल, राम सिंह, मंगत राम, दौलत राम का कहना है कि बरोट एक पर्यटन स्थल है। यहां पुलिस चौकी नहीं है। लोगों ने बरोट में पुलिस चौकी खोलने की मांग उठाई है।
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सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई
डीएसपी पधर मदनकांत ने कहा कि दस बजे सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई। टीम को बरोट रवाना कर दिया गया। बारिश में जाम के चलते पुलिस 12 बजे बरोट सीएचसी पहुंची। काउंसलिंग के बाद मामला शांत किया गया। मृतक झटिंगरी के एक गांव था। रात को लाश ले जाने में परिजन असमर्थ थे।