मंडी। गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने दो दोषियों को छह-छह साल के कठोर कारावास और पचास-पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक दोषी को एक साल के कठोर कारावास सुनाई गई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुंदरनगर ने गैर इरादतन हत्या का अभियोग साबित होने पर दोषी विनीत कुमार और पंकज कुमार को छह-छह साल के कठोर कारावास व पचास-पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि विनीत कुमार और जीवन कुमार के खिलाफ साक्ष्य मिटाने का अभियोग साबित होने पर उन्हें एक साल के कठोर कारावास और 20,000 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार आरोपी विनीत कुमार व पंकज कुमार अपने साथ गोपाल शर्मा (मृतक) को बहला फुसला कर गाड़ी में लाहौल-स्पिति ले गए थे। इसी दौरान 16 अक्तूबर 2017 की रात को आरोपियों ने गोपाल शर्मा के साथ मारपीट की तथा उसे ठंड में बिना कमीज व जूतों के गाड़ी से उतारकर रोहतांग पास पर छोड़ दिया। इसके चलते गोपाल शर्मा की ठंड के कारण मृत्यु हो गई। जबकि आरोपी रोहतांग से अपनी गाड़ी में मनाली आ गए और वहां पर एक होटल में ठहरे। इस दौरान दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर दिए ताकि इनसे कोई गोपाल शर्मा के बारे में कोई पूछताछ न कर सके। गोपाल शर्मा का शव 17 अक्तूबर को मनाली पुलिस को रोहतांग पास के पास मिला था। इस घटना के बाद आरोपी विनीत कुमार ने आरोपी जीवन कुमार के साथ मिलकर गोपाल शर्मा के मोटरसाइकिल को बीबीएमबी नहर में फेंक दिया था। गोपाल शर्मा के परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट बीएसएल कॉलोनी सुंदरनगर थाना में करवाई थी। मृतक गोपाल शर्मा के मोबाइल फोन की लोकेशन मनाली में पाए जाने पर परिवारजनों ने मनाली पुलिस से संपर्क किया तो इस घटना का पटाक्षेप हुआ। पुलिस ने मामले की तहकीकात पूरी होने पर आरोपियों के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी विनय वर्मा ने की। अभियोजन की ओर से इस मामले में 78 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।