मंडी। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 29 सितंबर को मंडी दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक लेंगे। इसमें वे मंडी जिले में प्राकृतिक आपदा के नुकसान और उसके उपरांत के राहत-पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करेंगे। साथ ही वह पुनर्स्थापन गतिविधियों और जन सुरक्षा की दृष्टि से भविष्य के लिए उठाए कदमों का ब्योरा भी लेंगे। जिलाधीश मंडी अरिंदम चौधरी मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर विभागों की पूर्व तैयारी पर चर्चा के लिए सोमवार को बुलाई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को मुख्यमंत्री की बैठक को लेकर पूरी तैयारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम की समीक्षा बैठक के लिए सभी विभाग नुकसान और राहत-पुनर्वास कार्यों के पूर्ण डाटा के साथ राहत राशि आवंटन के अद्यतन आंकड़े भी रखें। बैठक के लिए बनाई जाने वाली पीपीटी (पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन) को मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर केंद्रित करें। इसमें नुकसान की जानकारी, राहत-पुनर्वास को लेकर किए कार्यों का ब्यौरा तथा जन सुरक्षा की दृष्टि से आगे की योजना का उल्लेख करें।
बैठक में डीसी मंडी ने बीते दिनों आई प्राकृतिक आपदा में हुए नुकसान का भी विभिन्न विभागों से ब्योरा लिया। मंडी जिले को करीब 1,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें प्रमुख रूप से लोक निर्माण विभाग को 437.48 करोड़ रुपये, जल शक्ति विभाग को 445.03 करोड़ रुपये, विद्युत बोर्ड को 117.94 करोड़ रुपये, कृषि को 61.41 करोड़ रुपये, वन विभाग को 24.15 करोड़ रुपये, बागवानी को 17.27 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य को 7.81 रुपये, शिक्षा को 29.34 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हिमाचल सरकार ने सभी जिलों को राहत-पुनर्वास तथा पुनर्स्थापन कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त निवेदिता नेगी सहित व अन्य मौजूद रहे।