जोगिंद्रनगर (मंडी)। क्षेत्र में तौल विभाग के विभाग के अधिकारियों और स्थानीय कारोबारियों के साथ गहराए विवाद के बाद कारोबारी सड़क पर उतर आए हैं। उन्होंने अपने व्यापारिक संस्थान बंद करने का एलान कर दिया है। कारोबारियों के चालान काटने को लेकर दो दिन से चल रहे इस घटनाक्रम पर बुधवार देर शाम शहर के कारोबारियों ने बीच बाजार नाप तौल विभाग के अधिकारियों के साथ सीधी नोक झोंक कर डाली। दोनों पक्षों में काफी समय तक हुई गहमागहमी के बाद व्यापार मंडल जोगिंद्रनगर के अध्यक्ष अजय धरवाल ने बताया कि आपदा के इस समय में आर्थिक स्थिति से कमजोर कारोबारियों के भी माप तौल विभाग ने चालान काटकर छोटे कारोबारियों को प्रताड़ित करने का जो प्रयास किया है, उससे व्यापार मंडल के छह सौ से अधिक कारोबारियों ने एतराज जताया है और संबंधित विभाग के खिलाफ उपायुक्त मंडी से कार्रवाई की मांग की है। व्यापार मंडल अध्यक्ष ने बताया कि विभाग की ओर से दो दिन से शहर के कारोबारियों के चालान काटे जा रहे हैं। यह सिलसिला माप तौल विभाग के अधिकारियों का जारी है। इस दौरान कारोबारियों की दलीलें भी नहीं सुनी जा रही हैं और अपनी शक्तियों का प्रयोग कर छोटे कारोबारियों के भी भारी भरकम चालान काटे जा रहे हैं, जिन्हें भरना अब मुश्किल हो गया है। ऐसे में कारोबारियों ने अपने व्यापारिक संस्थान बंद कर रोष रैली निकालकर चाबियां नाप तौल विभाग को सौंपने का निर्णय लिया है।
बता दें कि जोगिंद्रनगर में माप तौल विभाग की टीम चार दिवसीय शिविर के तहत पंहुची है। बुधवार को खराब मौसम से परेशान कारोबारियों पर नाप तौल विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए चालान काटना शुरू कर दिया। कारोबारियों के विरोध करने पर माहौल गरमा गया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाकर हालात पर काबू पाया। थाना प्रभारी निर्मल सिंह ने बताया कि कारोबारियों और माप तौल विभाग के अधिकारियों से साथ हुई कहासुनी मामले में पुलिस जांच कर रही हैं। इधर नाप तौल विभाग के सहायक कंट्रोलर गौरव ने कहा कि जिन कारोबारियों की दुकानों में अनियमितताएं पाई गई थी उन्हीं के चालान विभागीय नियमों के तहत काटे गए हैं। ऐसे में स्थानीय व्यापार मंडल का विरोध उनके समझ से परे है।