कोटली रामलीला मंचन में दर्शाए राम व सीता जन्म के मार्मिक दृश्य
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटली (मंडी)। तुंगल घाटी के सामुदायिक भवन कोटली में चल रहे रामलीला उत्सव में राजा दशरथ की ओर से अनजाने में भक्त श्रवण कुमार पर तीर छोड़ कर उसका वध कर दिया। पुत्र वियोग में उसके अंधे माता-पिता दशरथ को श्राप देते हैं कि राजा जिस तरह हम पुत्र वियोग में मर रहे हैं, एक दिन तू भी पुत्र वियोग में तड़प-तड़प कर मरेगा। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष प्रशांत मोहन ने बताया कि शुक्रवार को आयोजित संध्या रामलीला कमेटी के दिवंगत निर्देशक स्व पंडित राम जी दास की स्मृति में आयोजित हुई। प्रथम दृश्य में ऋषि मुनियों की सलाह से पुत्र प्राप्ति के लिए राजा दशरथ की ओर से पुत्रेष्ठि यज्ञ करवाया गया। इसके परिणाम स्वरूप राजा के घर चार पुत्रों राम-लक्ष्मण-भरत और शत्रुघ्न जन्म के दृश्य दिखाए। प्रशांत ने बताया कि दूसरी संध्या में कोटली बाजार के स्वर्णकार देवराज बतौर मुख्यातिथि शरीक हुए। उन्होंने अपनी तरफ से 21 हजार की राशि बतौर सहयोग भेंट की। वहीं स्व. रामजी दास की पत्नी नीलम शर्मा व पुत्र वधू पूजा ने रामलीला कमेटी को 2100 रुपये की राशि बतौर सहयोग भेंट की।