फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi News: डायरिया के अलर्ट के बीच अस्पताल परिसर में गंदगी से फैली दुर्गंध, संक्रमण की आशंका

विज्ञापन
विज्ञापन
अस्पताल के शवगृह के समीप आग के हवाले किया जा रहा है कचरा, बायो वेस्ट के लगे हैं ढेर
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल में डायरिया के अलर्ट के बीच अब अस्पताल परिसर में ही गंदगी के ढेरों से उठी दुर्गंध से संक्रमण की आशंका से मरीजों में दहशत है। सौ बिस्तर वाले अस्पताल के शवगृह के नजदीक कचरे को आग के हवाले भी किया जा रहा है। वहीं, यहां पर खाली भूमि में मरीजों के इस्तेमाल में लाई जाने वाली बायो वेस्ट सामग्री, जिसमें इस्तेमाल में लाई गई कॉटन और कुछ औषधियों के ढेर भी शामिल हैं। इसमें फैली दुर्गंध से अस्पताल का वातावरण दूषित होने लगा है। हैरत की बात है कि अस्पताल प्रशासन कचरे के ढेरों पर गंभीर नहीं है। खुले में लगे गंदगी के ढेरों पर नगर परिषद की कार्रवाई भी ढीली है। इससे न केवल अस्पताल परिसर बल्कि साथ लगते रिहायशी परिसर में भी बदबू का आलम है। कन्या पाठशाला भी गंदगी के ढेरों की चपेट में आ गई है। बावजूद उसके भी संबंधित विभाग और अस्पताल प्रशासन खामोश बैठा है। वीरवार को अस्पताल के साथ लगती भूमि पर कचरे के बड़े ढेरों की जानकारी पर्यावरणविदों के माध्यम से सार्वजनिक हुई, तो अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीज और उनके तीमारदार भी भड़क उठे। गर्मी के मौसम में कचरे के ढेर को देख विभिन्न व्यवसाय के कारोबारियों ने भी आपत्ति जताई और अस्पताल प्रशासन, नगर परिषद के अलावा स्थानीय प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। अस्पताल के एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि अस्पताल परिसर में स्वच्छता को लेकर कोई भी कोताही नहीं बरती जा रही है। शवगृह के नजदीक जिस खाली भूमि पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं, उसे हटाने को लेकर वह नगर परिषद से पत्राचार करेंगे ताकि अस्पताल का वातावरण दूषित होने से बच सके। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी आदित्य चौहान ने कड़ा संज्ञान लेते हुए एनजीटी और एमसी एक्ट के तहत पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूलने का भरोसा दिलाते हुए लापरवाही पर कार्रवाई के भी आदेश जारी कर दिए हैं। कहा कि खुले में गंदगी फैलाने वालों पर नोटिस भी जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें