पांगणा (मंडी)। नागरिक अस्पताल करसोग में बीएमओ के पद पर तैनात डा. कृष्ण कुमार चौहान को मंगलवार को अमावस्या की काली रात सदा के लिए निगल गई। करसोग क्षेत्र में हर मरीज, बुजुर्ग, महिला, नौजवान व बच्चों की विश्वास और आस्था का केंद्र रहे बीएमओ डा. केके चौहान अपने पैतृक क्षेत्र निहरी में दीपावली की काली रात को कार हादसे का शिकार होकर सबको सिसकता छोड़ गए। हादसा करीब नौ से 10 बजे के बीच हुआ, जब डा. चौहान अपने नजदीकी जानकार को निहरी फेगलु से गडाहच छोड़ने जा रहे थे। दीपावली की रात को ढांक से 200 मीटर लुढ़कने पर रात भर किसी ने कार को नहीं देखा। सुबह पता चलने तक घटन स्थल पर डा. चौहान दम तोड़ चुके थे। हालांकि साथ बैठे करीबी को शिमला आईजीएमसी रेफर कर दिया गया है, जिनक ी हालत अभी गंभीर बताई जा रही है। करसोग एवं निहरी क्षेत्र में डा. चौहान की हादसे में मौत का पता चलते ही करसोग का हर बुजुुर्ग, महिला, बच्चा, व्यापारी व आम आदमी शोक ग्रस्त है। दिन भर जिसने भी दुखद समाचार सुना, वह डाक्टर की यादों में खोया नजर आया। उनके निधन के दुखद समाचार के बाद क्षेत्र के समाजसेवी डा. जगदीश शर्मा, डा. रविद्र काैंडल, डा. विद्यासागर, जिला परिषद सदस्य श्याम सिंह चौहान, रामलाल, प्रदीप राज, पूर्व मंत्री मनसा राम, पूर्व विधायक मस्त राम, हीरालाल, आईजीएमसी के डा. रमेश चंद व अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि डा. केके चौहान ने करसोग के हर वर्ग में अपनी पहचान बनाई थी। उनकी लग्न, सत्यनिष्ठा व निष्काम भावना के चलते समाज सेवा के साथ स्वास्थ्य विभाग में किए गए उनके काम के लिए उन्हें सदा याद किया जाएगा।