अमर उजाला ब्यूरो
टिहरा (मंडी)। टिहरा पीएचसी में करीब 23 सालों से लैब तकनीशियन का पद खाली है। इससे स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए बाहरी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है या फिर सरकाघाट या मंडी जाना पड़ रहा है। इसमें लोगों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। वहीं, लोगों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। इस समस्या के चलते यहां की आधा दर्जन से अधिक पंचायतों टिहरा, तनिहार, गद्धीधार, डरवाड, कोट, ग्रयोह तथा चोलथरा के हजारों लोगों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र के अपने आलिशान भवन में बेहतर प्रयोगशाला तो है, लेकिन करीब 23 साल से लैब तकनीशियन का पद खाली चल रहा है। मरीजों को हर छोटे-छोट टेस्ट करवाने के लिए भी सरकाघाट, मंडी, हमीरपुर या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। यही नहीं, स्वास्थ्य केंद्र में महिलाओं के लिए न तो प्रसूति सेवाएं हैं और न ही आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां के राज कुमार, प्रकाश चंद, चमन लाल, अमृत लाल, हंस राज, भूप सिंह, भाग सिंह, देशराज, तिलक राज, रमेश चंद, युद्धवीर सिंह, त्रिलोक चंद, इंद्र सिंह, चूहड़ सिंह, अनिल कुमार, वीरी सिंह, व्यास देव, दीवान चंद, रिखी राम, पवन कुमार, प्रवीण कुमार सहित अन्य कई लोगों का कहना है कि सुविधाओं के अभाव से लोग परेशान हैं। पिछले लंबे अरसे से केंद्र में वरिष्ठ चिकित्सक का पद भी खाली चल रहा है। लोगों ने विभाग और सरकार से शीघ्र इन पदों को भरने की मांग की है। सीएमओ मंडी डॉ. डीआर शर्मा ने बताया कि पूरा मामला उच्च अधिकारियों के ध्यान में है। शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई होगी।