जोगिंद्रनगर (मंडी)। नगर परिषद जोगिंद्रनगर में कूड़ा-कचरा उठाने का काम ठप पड़ गया है। लेबर ने ठेकेदार पर पेमेंट न करने का आरोप लगाते हुए हड़ताल कर दी है। ऐसे में यदि ठेकेदार और लेबर के बीच वेतन को लेकर चल रहा विवाद नहीं सुलझा तो खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ेगा। उधर, शहर में कूड़े-कचरे के ढेर पुन: लगने शुरू हो जाएंगे। जिसका खामियाजा आम शहरी के अलावा शहर में आने वाले हर राहगीर को भी भुगतना पड़ सकता है। कूड़े- कचरे को उठाने का कार्य निजी ठेकेदार को दिए जाने के बाद लगने लगा था कि अब जोगिंद्रनगर परिषद के सातों वार्डों में सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से चलेगी। लेकिन, अभी इस कार्य को ठेकेदार को दिए हुए चंद ही रोज बीते थे कि ठेकेदार की लेबर ने इस लिए काम पर आने से इंकार कर दिया है कि उन्हें वेतन की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। नगर परिषद ने शहर को साफ सुथरा रखने के लिए सातों बार्डों के लोगों के घरों से घर-घर जाकर कूड़े को एकत्रित करने के लिए यह ठेका निजी ठेकेदार को 24 लाख में दिया था। नगर परिषद के इस निर्णय से लगने लगा था कि सालों से कूड़े-कचरे को लेकर चली आ रही समस्या का अब स्थायी समाधान हो जाएगा। लेकिन, ऐसा नहीं हो पाया है। लेबर की मांग है कि उनके गत माह के बकाया का भुगतान किया जाए। नगर परिषद जोगिंद्रनगर की अध्यक्ष निर्मला देवी ने कहा कि ठेकेदार की लेबर का कहना है कि उन्हें बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है। जिस कारण हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के लिये ठेकेदार से बात की जाएगी।