मंडी। चंद्रा समिति की रिपोर्ट लागू न करने पर ग्रामीण डाक सेवक बिफर गए हैं। मंडी में अखिल भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ के बैनर तले ग्रामीण डाक सेवकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संघ के मंडलीय प्रधान अनिल शर्मा और सचिव युद्ध कुमार शर्मा ने कहा कि यह हड़ताल 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू करवाने के लिए की जा रही है। केंद्र सरकार और डाक विभाग की मिलीभगत के खिलाफ ग्रामीण डाक सेवकों ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है। यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक ग्रामीण डाक सेवकों को 7वां वेतन आयोग लागू नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में डाक विभाग और सरकार ने ग्रामीण डाक सेवकों के वेतन भत्तों को अलग से जांचने के लिए एक सदस्य कमेटी अध्यक्ष कमलेश चंद्रा समिति का गठन किया है। समिति ने अपनी रिपोर्ट जनवरी 2017 में सरकार को सौंप दी है। अब सरकार और विभाग इस रिपोर्ट को लागू नहीं कर रही है। रेगुलर विभागीय कर्मचारी को 7वां वेतनमान सरकार डेढ़ वर्ष पहले दे चुकी है लेकिन, ग्रामीण डाक कर्मचारियों को आज दिन तक इसे नहीं दिया गया। अब उन्हें मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। शुक्रवार को मंडी के सभी शाखा डाकघर पूरी तरह से बंद रहे। कोई भी लेन देन नहीं हुआ। संघ ने 7वां वेतन आयोग लागू करने, ग्रामीण डाक सेवकों को विभागीय कर्मचारी का दर्जा देने, केंद्रीय कैट और मद्रास बेंच के पेंशन फैसले को लागू करने की गुहार लगाई। प्रदर्शन में अशोक कुमार, टेकचंद, परमानंद, दर्शन कुमार शर्मा, चमन लाल, चुनी लाल, शिवशरण, धर्मचंद, भीखम राम, दुर्गा दास, दीनानाथ, विजय कुमार, अंजली, वंदना कुमारी, रुकमणी सहित अन्य डाक सेवक मौजूद थे।