चौहारघाटी में बरोट-मुलथान मार्ग की बहाली में जुटी जेसीबी मशीन- संवाद
मंडी। बारिश और बर्फबारी होने एक तरफ किसान-बागवान गदगद हैं। वहीं दूसरी तरफ अब दुश्वारियों का दौर शुरू हो गया है। जिले के ऊपरी क्षेत्रों में दूसरे दिन शुक्रवार को 44 सड़कें बाधित रहीं। हालांकि इन्हें बहाल करने में लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और मशीनरी जुटी हुई है। इसी तरह जिले के सैकड़ों गांवों में ठंड के बीच बर्फबारी के बाद ब्लैकआउट हो गया है। जिले के विभिन्न जगह 354 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं और पानी की 33 पेयजल स्कीमें प्रभावित हैं।
मौसम खुलने के बाद युद्ध स्तर पर धरातल में मशीनरी व टीमें बहाली कार्य में जुटी हैं, लेकिन फिर भी बंद सड़कों और बिजली न होने के चलते लोगों को कठिनाइयों के दौर से गुजरना पड़ रहा है। दूध, ब्रेड आदि की आपूर्ति भी रुक गई है। पेयजल सप्लाई बाधित होने के चलते बर्फ पिघलाकर लोगों को गुजारा करना पड़ रहा है। सराज क्षेत्र में 18 सड़कें बंद हैं। वहीं थलौट उपमंडल में 18 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा करसोग में पांच और सुंदरनगर मंडल में तीन सड़कें अभी भी बाधित हैं। बिजली के ट्रांसफार्मरों की बात की जाए तो इनमें गोहर उपमंडल में सबसे अधिक 244 ट्रांसफार्मर अभी भी बंद हैं। वहीं जोगिंद्रनगर में 53, मंडी मंडल के तीन जबकि करसोग के 36 और सुंदरनगर के 18 ट्रांसफार्मर बंद चल रहे हैं। इसके अलावा अगर पानी की स्कीमों की बात करें तो सबसे अधिक 20 पानी की स्कीमें प्रभावित हैं। 13 पेयजल योजनाएं सुंदरनगर में बंद पड़ी हैं।
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि सड़क, बिजली-पानी आदि सभी सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ बहाल किया जा रहा है। बहाली कार्य के लिए मशीनरी के साथ अधिकारी कर्मचारी धरातल पर जुटे हुए हैं। लगातार फील्ड से रिपोर्ट ली जा रही है।