सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति, ओबीसी बेरोजगार संघ की बैठक सोमवार को कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एसएमसी भर्तियां शार्ट गैप अरेंजमेंट नहीं, बल्कि बैक डोर मैनेजमेंट है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पीटीए, पैरा के बाद एसएमसी भर्तियाें के रूप में शार्ट गैप अरेंजमेंट के बहाने अपने चहेतों को नौकरियों में शामिल करने का मैनेजमेंट चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी वर्गों के बेरोजगारों के चौतरफा विरोध के बावजूद सरकार एसएमसी भर्तियों को नियमित करने के विकल्प तलाश रही है। सभी वर्गों के बेरोजगार नियमों के अंतर्गत सभी भर्तियां बैचवाइज और कमीशन के आधार पर करने की न्यायसंगत मांग कर रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हजारों भर्तियों में रोस्टर को दरकिनार किया जा रहा है। ऐसे में बेरोजगार लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। उन्होंने भर्तियों को लेकर एससी-एसटी, ओबीसी वर्ग के बेरोजगारों से हो रहे अन्याय को लेकर प्रदेश में खंड स्तर पर सरकार के तानाशाही रवैये को बेनकाब करने का आह्वान किया। सरकार ने इस संबंध में स्पष्ट नीति बनाकर पीटीए, पैरा और एसएमसी में रोस्टर के आधार पर इस वर्ग के बैकलाग के पदों को नहीं भरा तो संघ सड़कों पर अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए आंदोलन करेगा। कहा कि लोकसभा चुनावों का भी बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में हरिंद्र पाल, कुसुमलता, अजय कुुमार, सजीव कुमार, दीनानाथ, लेखराम, प्रीतम, शीला देवी, सोनिया, धनी राम, प्रकाश चंद, देवराज, राकेश कुमार, प्यार चंद समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।