सरकाघाट (मंडी)। हाल ही मेें पंचायतों में हुए बीपीएल चयन पर लोगों ने जहां पंचायत प्रतिनिधियों पर हेराफेरी के आरोप लगाए हैं वहीं, इस प्रक्रिया पर सवाल भी उठाए हैं। लोगों का कहना है कि इस प्रक्रिया के चलते पात्रों को सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा। इसलिए इस प्रक्रिया को बदलकर वोट के माध्यम से बीपीएल का चयन किया जाए। इस प्रक्रिया के चलते दबंग लोग लाभ उठा रहे हैं। सरकार ने बीपीएल चयन के लिए फरवरी तक सर्वे करवाए गए थे लेकिन, सर्वे रिपोर्ट को दरकिनार कर जरनल हाउस में जिसके साथ ज्यादा आदमी दिखे उसका चयन कर लिया गया। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधि ही नहीं अधिकारी व सरकार भी जिम्मेदार है। लोगों ने कहा कि जब तक इस प्रक्रिया को बदला नहीं जाता, गलत चयन होते रहेंगे। ग्राम पंचायत थौना के गांव छलैट गहरा के जीवन राम, मान सिंह, रंगीला राम, भवना देवी, ग्राम पंचायत बरच्छवाड़ से कमला देवी, शकुंतला देवी, ग्राम पंचायत रखोह के अमृत लाल, ग्राम पचायत मसेरन के गांव रसेहड के बलवीर सिंह, कमलेश कुमार, ग्राम पंचायत जुकैण के संजय कुमार, पंचायत कलथर की सुनीता देवी, मीरा देवी, पंचायत फतेहपुर के सुनील गौतम आदि ने एसडीएम और खंड विकास अधिकारी को पत्र लिख कर गलत चयन करने की शिकायतें दी हैं। उन्होंने सुझाव भी दिए हैं कि भविष्य में वोट के माध्यम से बीपीएल का चयन किया जाना चाहिए। उधर, विकास खंड अधिकारी कुलभूषण सिंह ने बताया कि चयन सरकारी गाइड लाइन के माध्यम से ही करवाए जा रहे हैं, लेकिन किसी को कोई आपत्ति है तो एसडीएम के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। बीपीएल में अगर कहीं पर भी गलत चयन हुआ होगा तो कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।