फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसडीएम ऑफिस विवाद को लेकर नहीं बन पाई कोई सहमति

विज्ञापन
विज्ञापन
जंजैहली (मंडी)। एसडीएम कार्यालय विवाद को लेकर बुधवार को थुनाग और जंजैहली दोनों पक्षों के बीच बैठक लंबाथाच में आयोजित हुई। लंबे मंथन के बाद भी इस बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई और यह बेनतीजा ही साबित हुई है। कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के तहसील थुनाग शमशेर सिंह पुलिस दल के साथ स्वयं मौके पर हाजिर हुए थे। हाल ही में हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को परामर्श दिया था कि इस विवाद को आपस में बैठ कर सुलझाएं। सर्व विदित है कि कांग्रेस सरकार के समय जंजैहली में एसडीएम कार्यालय की अधिसूचना जारी हुई थी। लेकिन, थुनाग पंचायत की प्रधान नीलमा कुमारी ने सरकार के इस फैसले को लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए उपमंडलाधिकारी कार्यालय जंजैहली की अधिसूचना रद्द कर दी थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए जंजैहली निवासी चेत राम ने हाईकोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका दर्ज की है। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने से पहले दोनों पक्षों को आपस में मिल बैठकर कोई निष्कर्ष निकालने की सलाह दी थी लेकिन, बुधवार को दोनों पक्षों के बीच कोई भी सहमति नहीं बन पाई। दोनों पक्षों ने इस फैसले को माननीय उच्च न्यायालय के फैसले पर ही छोड़ दिया है। इस बैठक में जंजैहली की ओर से पुनर्विचार याचिका दायर करने वाले चेत राम, संघर्ष समिति के पदाधिकारी जगदीश रेड्डी, नरेंद्र रेड्डी, जिला परिषद सदस्य जयवंती और महेंद्र राणा तथा थुनाग की ओर से जनहित याचिका दायरकर्ता थुनाग की प्रधान नीलमा कुमारी, बहली पंचायत के प्रधान ओम चंद, निहरी सुनाह पंचायत के प्रधान चमन लाल, पूर्व समिति अध्यक्ष राजेंद्र पाल और उत्तम सिंह आदि शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें