कोरोना काल में नेरचौक मेडिकल कॉलेज में रखे गए थे कर्मचारी, अब भटकने को मजबूर
बेरोजगार हुए कर्मचारी बोले- परिस्थितियां बदली तो कर दिए बाहर, तैनाती की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरचौक (मंडी)। कोरोना काल में श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में रखे गए 283 कर्मचारी सोमवार को बेरोजगार हो गए। इन कर्मचारियों का सेवा विस्तार सरकारी स्तर पर न होने पर इन्हें कॉलेज और अस्पताल में प्रवेश नहीं मिला। बाद में मजबूरी में इन्हें परिसर से बाहर जाना पड़ा। इन कर्मियों के अभाव में मेडिकल कॉलेज और अस्तपाल में व्यवस्था चरमराई रही।
यहां सेवाएं दे रहे 87 वार्ड अटेंडेंट, 75 सफाई कर्मचारी, 107 नर्स, 10 सिक्योरिटी गार्ड, चार डाटा ऑपरेटर, 10 लैब तकनीशियन को लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारियों ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस कारण मरीजों और प्रबंधन वर्ग को दिक्कतें तो पश आई हीं, लेकिन इन कर्मचारियों के लिए रोजी रोटी पर भी संकट खड़ा हो गया है।
मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रहे मीना, तारा देव, अमरजीत, निशा, सुमन देवी, निहाल, दीवान चंद, अश्वनी, सुनील, लता, पुष्पा, संजीव, अजय शर्मा, धीरज, राहुल, भारती, नरेश, राहुल, ओमप्रका और हरीश सिद्धू ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से गुहार लगाई है कि कोरोना काल में इन्होंने विकट परिस्थितियों में अपनी सेवाएं दी हैं। इन लोगों ने सरकार से गुहार लगाई है कि इसी से इन्हीं की रोजी रोटी चलती है। ऐसे में उन्हें कॉलेज के अधीन तैनाती दी जाए। बताया कि 75 सफाई कर्मचारी और 107 नर्सों को पिछले चार महीनों से वेतन ही नहीं मिला है। इन्होंने स्थानीय विधायक इंद्र सिंह गांधी, कांग्रेस नेता प्रकाश चौधरी से भी गुहार लगाई है कि यह मामला सरकार के समक्ष उठाएं। कहा कि मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की जरूरत है। ऐसे में इन्हें बाहर न किया जाए।
वहीं, बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि वे सभी वर्कर्स के साथ हैं। अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वे सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे। जबकि पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रकाश चौधरी ने कहा कि इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डीके गुप्ता से बातचीत की है। जल्द समस्या को समाप्त करने की अपील की है। जल्द इन लोगों को न्याय मिले, इसके लिए वे प्रयासरत हैं।
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सरकार की ओर हर तीन महीने के बाद इन वर्कर्स को विस्तार दिया जाता है। यह विस्तार सरकार की तरफ से अब नहीं मिला है। इसीलिए वे वर्कर्स को नहीं रख रहे हैं।
-डीके गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
ओपीडी कोई भी हो, कार्य सही से नहीं हुआ
इन कर्मचारियों के बिना श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज की पूरी व्यवस्था चरमरा गई। ओपीडी में कोई भी कार्य ठीक से नहीं हो पाया। डॉक्टरों को वार्ड अटेंडेंस और नर्स की कमी खली। ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी में नर्सें और अटेंडेंट न होने से भी दिक्कतें हुई। सिक्योरिटी न होने से परेशानी हुई। वहीं लैब तकनीशियन न होने भी मरीज परेशान होते नजर आए।