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कमरूनाग और शिकारी देवी ने ओढ़ी बर्फ की सफेद चादर

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- फोटो : अमर उजाला
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गोहर/जंजैहली (मंडी)। मौसम के एकदम करवट बदलने से समूचा जिला शीत लहर की चपेट में आ गया है। शनिवार को कमरूनाग और शिकारी देवी की पहाड़ियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है तथा ठंड के कारण लोग घरों में दुबक गए हैं। शिकारी देवी में साढ़े 12 सेंटीमीटर और कमरूनाग में पांच सेंटीमीटर बर्फ गिरी है। वहीं, जिला की करसोग, देवीदहड़, मगरूछतरी, जंजैहली, बालीचौकी की पहाड़ियों पर भी ताजा हिमपात हुआ है। निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश होने से किसानों बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। पिछले कई दिनों से किसानों की गंदम की बिजाई रुकी हुई थी। जिस कारण ताजा बारिश से किसान गंदम की बिजाई करने में जुट गए हैं। सेब के लिए चिलिंग आवर्स भी शुरू हो गए हैं। इस बार नवंबर में ठंड पड़ने से सर्दी के बढ़ने की आशंका है। शनिवार को शिकारी देवी से लेकर थुनाग तक बर्फ के फाहे गिरते रहे। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लोग बारिश और बर्फबारी के इंतजार में थे। इंद्र देवता के खुश होने से किसान बागवान भी गदगद हो उठे हैं। बर्फबारी के चलते कमरूनाग और शिकारी देवी मंदिर में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। कमरूघाटी, जंजैहली घाटी और ज्यूणी घाटी में लोगों ने सर्दी से बचने के लिए राशन और लकड़ी का इंतजाम करना शुरू कर दिया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बर्फ वाले क्षेत्रों के लिए राशन की एडवांस सप्लाई भेज दी है। सिराज फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के प्रधान चतर सिंह ठाकुर ने कहा है कि बारिश और बर्फबारी से सेब और गंदम समेत अन्य नगदी फसलों के लिए संजीवनी मिली है। बारिश से किसानों ने अपने खेतीबाड़ी के कामकाज शुरू कर दिए हैं। वहीं सेब बागवानों ने सेब बगीचों की साफ सफाई और गोबर खाद डालना शुरू कर दिया है। बागवानी विशेषज्ञ डा. एसपी भारद्वाज ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फ पड़ने से सेब बगीचों में चिलिंग आवर्स शुरू हो गए हैं।
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