मंडी। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने सेवानिवृत्त परिचालक की एक वेतन वृद्धि को रोकने के आदेश को निरस्त कर दिया। ट्रिब्यूनल ने परिवहन निगम को परिचालक के पक्ष में सभी सेवा संबंधी लाभ दो माह के भीतर देने के भी आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल के सदस्य (न्यायिक) डीके शर्मा ने मंडी सर्किट के दौरान सुनाए फैसले में परिवहन निगम के सेवानिवृत्त परिचालक जगदीश चंद की याचिका को स्वीकारते हुए उक्त फैसला सुनाया है। अधिवक्ता एसपी चटर्जी के माध्यम से ट्रिब्यूनल में दायर याचिका के अनुसार निगम ने परिचालक के जानबूझ कर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोपों के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करके उनकी एक साल की वृद्धि पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। परिचालक ने इस रोक को ट्रिब्यूनल में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि उन पर जुर्माना लगाने से पूर्व विभागीय जांच नहीं करवाई गई थी। ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि सीसीएस रूल के नियम 14 के तहत जुर्माना करने से पहले जांच की जानी जरूरी है। ऐसे में ट्रिब्यूनल ने याचिका को स्वीकारते हुए निगम के आदेश को निरस्त करने का आदेश दिया। इसके अलावा याचिकाकर्ता के पक्ष में सभी सेवा संबंधी लाभ दो माह में अदा करने का फैसला भी सुनाया है।