लडभड़ोल (मंडी)। संतान दात्री के नाम से प्रसिद्ध लडभड़ोल के सिमस शारदा माता मंदिर को नवरात्रों के लिए सजाकर तैयार कर दिया गया है। मंदिर कमेटी और स्थानीय लोगों की उपस्थिति में बुधवार को माता के बच्चों को पिंडी के नीचे से बाहर निकाल कर इस पवित्र स्थान को संवारा गया। बाद में इन सभी बच्चों को उसी स्थान पर स्थापित कर दिया गया। मान्यता है कि नवरात्र में माता की पिंडी के नीचे से निकलने वाले बच्चों की संख्या के अनुरूप ही माता नि:संतान महिलाओं को संतान का फल देती हैं। साल में दो बार होने वाले नवरात्रों में यहां नि:संतान महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए मंदिर के प्रांगण में सोती हैं और माता शारदा उनको किसी न किसी रूप में आकर संतान रूपी फल प्रदान करती हैं। सदियों से चली आ रही इस मान्यता के अनुसार इस मंदिर में उत्तर भारत से ही नहीं बल्कि पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत से भी महिलाएं यहां संतान प्राप्ति का फल पाने के लिए आती हैं। मंदिर कमेटी के प्रधान विनोद राय ने बताया कि इस बार भी कमेटी ने नवरात्र मेले के लिए पूरी तैयारियां कर ली हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुुविधा न हो इसके लिए कमेटी वचनबद्ध है। इस बार भी नवरात्र मेले पूरे विधि विधान से मनाए जाएंगे। उधर, लडभड़ोल के तहसीलदार राजेश कुमार जरयाल ने बताया कि प्रशासन मेला मंदिर कमेटी और मेले में आने वाले लोगों को पूरा सहयोग देगा। मेले के सफल आयोजन पर कड़ी नजर रहेगी।