सुंदरनगर (मंडी)। मंडी के बाद अब सुंदरनगर नगर परिषद अध्यक्ष की सरदारी भी संकट में है। प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही नई राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है। जिसके साथ ही मंडी के बाद सुंदरनगर में भी कांग्रेस समर्थित नगर परिषद अध्यक्ष पूनम शर्मा की कुर्सी पर भी संकट के बादल मंडरा गए हैं। उनके खिलाफ भाजपा समर्थित पार्षदों द्वारा कभी भी अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। वर्तमान में 13 सदस्यों वाली नगर परिषद में कांग्रेस समर्थित पांच, एक निर्दलीय और भाजपा विचारधारा वाले सात पार्षद हैं। पिछली बार चुनाव के समय पूर्व विधायक रूप सिंह ठाकुर समर्थक और राकेश जम्वाल समर्थक पार्षदों में प्रधान पद को सहमति न बन पाने के कारण कांग्रेस ने इसका फायदा उठा अल्पमत में होने के बाद भी महिला के लिए आरक्षित अध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया था। जबकि, भाजपा को उपाध्यक्ष पद पर ही संतोष करना पड़ा था। लेकिन, विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर और राकेश जम्वाल में आपसी सुलह हो जाने से भाजपा को सुंदरनगर में फायदा मिला था। जिसके कारण राकेश जम्वाल पहली बार रिकार्ड मतों से जीत कर विधानसभा में पहुंच गये। अब राकेश जम्वाल और रूप सिंह ठाकुर का आपसी सहयोग अगर आगे भी जारी रहा तो भाजपा को अध्यक्ष पद पाने से कोई नहीं रोक सकता है। वर्तमान में 13 सदस्यों वाली नगर परिषद में भाजपा विचारधारा वाले सात पार्षद दिनेश कुमार, बुद्धि सिंह, रक्षा धीमान, पुष्पा देवी, सोहन लाल, दीपक सेन और संजय शास्त्री हैं। जिन्होंने विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के लिए एकजुटता के साथ पार्टी के साथ काम कर सुंदरनगर से भाजपा विधायक बनाने में अपना पूरा सहयोग दिया था। इन सभी पार्षदों के वार्ड से भाजपा को लीड भी मिली है। दूसरी ओर कांग्रेस समर्थित पांच पार्षदों में वर्तमान अध्यक्ष पूनम शर्मा, उर्मिला शर्मा, अरुणा, नरेश सेन और ज्योति जम्वाल शामिल हैं। जबकि रमा को चुनाव में कांग्रेस का समर्थन न मिलने के बाद भी उसने जीत हासिल की। जिसके बाद से वह निर्दलीय की भूमिका निभा रही हैं। अब जबकि प्रदेश में सुंदरनगर में भाजपा ने जीत हासिल की है, ऐसे में अध्यक्ष पद पर बहुमत न होने के बावजूद पदासीन कांग्रेस समर्थित पूनम शर्मा का अध्यक्ष पद भाजपा विचारधारा वाले पार्षदों व कार्यकर्ताओं को रास नहीं आ रहा है। उन पर प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का दबाव पड़ना शुरू हो गया है। सुंदरनगर से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक राकेश जम्वाल इन दिनों विधानसभा सत्र में व्यस्त हैं। उनके लौटते ही इस मामले में आगामी रणनीति तय होगी। इधर, नगर परिषद में भाजपा समर्थित उपाध्यक्ष दीपक सेन का कहना है कि अध्यक्ष पद को लेकर जो फैसला पार्टी लेगी उसके अनुसार ही आगामी रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने नगर परिषद में भाजपा समर्थित सभी पार्षदों के एकजुट होने की बात कही है।