अमर उजाला ब्यूरो
टिहरा (मंडी)। प्रतिबंध के बावजूद तंबाकू उत्पाद धड़ल्ले से बिक रहे हैं। क्षेत्र में कई दुकानदार चोरी-छिपे तंबाकू और गुटका बेचकर चंादी कूट रहे हैं। हैरत की बात है कि प्रशासन ऐसे दुकानदारों पर शिकंजा कसने में नाकाम है। तंबाकू और गुटका का पांच रुपये का पैकेट ब्लैक में दस और पंद्रह रुपये में बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। गुटका और तंबाकू की तलब रखने वाले मजदूर इस मौत के सामान को महंगे दामों पर खरीदने में कोई गुरेज नहीं करते हैं। उपमंडल के टिहरा, बांदल चौक, ग्रयोह, खौदा, कांगों का गहरा, अवाहदेवी, चोलथरा आदि क्षेत्रों में दुकानदार तंबाकू और गुटका बेचकर जहां नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, वहीं महंगे दामों पर सामान बेचकर उपभोक्ताओं की जेब में डाका डाल रहे हैं। इसके अलावा दर्जनों सरकारी और निजी स्कूलों के पास दुकानदारों द्वारा बीड़ी और सिगरेट का सामान धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार स्मोकिंग के सामान को स्कूलों और कॉलेजों के सौ मीटर के दायरे के अंदर नहीं बेचा जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद यह धंधा जारी है। प्रतिबंध के बावजूद निर्धारित दायरे के अंदर स्मोकिंग का सामान सरेआम बेचा जा रहा है। उपमंडल के तहत आने वाले स्कूलों टिहरा, लग्यार, देवधार, खौदा, ग्रयोह, कांगों को गहरा, सरौन, चोलथरा सहित अन्य स्कूलों के पास दुकानदारों की ओर से नशे का सामान आमतौर पर बेचते हुए देखा जा सकता है। सरकारी आदेशों के अनुसार स्कूलों और कॉलेजों के सौ मीटर के दायरे के कोई भी दुकानदार स्मोकिंग का सामान नहीं बेच सकता है, लेकिन इन दुकानदारों द्वारा नियमों की अवहेलना की जा रही है। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ प्रशासन की ओर से कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। उधर, डीएसपी सरकाघाट करण सिंह गुलेरिया ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के पास नशेे के पदार्थों पर बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध है। ऐसे दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने जनमानस से भी सहयोग की अपील की है।