सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर न्यायालय के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर-1 विवेक खनाल ने चेक बाउंस के मामले में एक अहम फैसला देते हुए आरोपी को बाइज्जत बरी करने का फैसला सुनाया है। सुुंदरनगर के पुराना बाजार निवासी शिकायतकर्ता राकेश महाजन ने राजेंद्र कुमार निवासी शांति चौक, डाकघर रिवालसर तहसील बल्ह पर 3 लाख रुपये का चेक बाउंस होने और पैसे न मिलने पर कोर्ट में मामला पेश किया था। मामले में आरोपी राजेंद्र कुमार की पैरवी कर रहे वकील विक्रांत सिंह ठाकुर ने कहा कि शिकायतकर्ता ने आरोपी पर कोर्ट में 3 लाख रुपये का चेक बाउंस होने पर एनआई एक्ट की धारा 138 में मामला दर्ज करवाया था। उन्होंने कहा कि न्यायालय में पैरवी के दौरान दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने साक्ष्य पेश किए गए। विक्रांत सिंह ने कहा कि कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद यह माना कि शिकायतकर्ता राकेश महाजन ने आरोपी राजेंद्र कुमार पर झूठा केस डाला है। उन्होंने कहा कि मामले में गवाहों के अनुसार शिकायतकर्ता राकेश महाजन आरोपी राजेंद्र कुमार के साथ किसी भी प्रकार का रुपयों को लेकर लेन देन सिद्ध नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि केस में सारे सबूतों और गवाहों के बयान को ध्यान में रखकर एसीजेएम सुंदरनगर विवेक खनाल ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को बाईज्जत बरी कर दिया।
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