लडभड़ोल (मंडी)। स्थानीय सीएचसी में लोगों को गंभीर बीमारियों और आपातकालीन स्थिति में बेहतर उपचार नहीं मिल रहा है। इसके चलते यहां के लोगों में स्वास्थ्य विभाग और सरकार के प्रति भारी रोष है। ताजा मामले में एक महिला जिसे जंगली सुअर ने घायल किया, को सीएचसी में डॉक्टर न मिलने के कारण एक नर्स को क्वार्टर से बुलाकर उपचार दिया गया। महिला के परिजनों ने बताया कि घायल अवस्था में महिला को देर तक डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। सीएचसी में डॉक्टर नहीं मिलने से एक नर्स को क्वार्टर से बुलाकर उपचार दिया और महिला के सिर पर 13 टांके लगाकर घर भेज दिया गया। पंजालग गांव की महिला सरिता देवी (48) के पति अशोक कुमार ने बताया कि सोमवार को करीब 3 बजे सड़क में एक जंगली सुअर ने उनकी पत्नी पर हमला कर दिया। इसके चलते महिला को 108 की सहायता से इलाज के लिए लडभड़ोल सीएचसी लाया गया, लेकिन सीएचसी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अलावा कोई भी नहीं था। उन्होंने बताया कि एक नर्स को क्वार्टर से बुला कर लाया गया और घायल महिला का इलाज किया गया। नर्स ने महिला के सिर पर 13 टांके लगाकर प्राथमिक उपचार करके घर भेज दिया। उनका कहना है कि दिनों दिन लडभड़ोल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदतर होती दशा से लोगों की जान पर बन गई है। कुछ दिन पहले भी एक महिला जिसे बंदरों ने काट लिया था, को सीएचसी में डाक्टर नहीं मिलने के कारण उपचार नहीं मिला था और महिला ने निजी अस्पताल में इलाज करवाया था। उधर, सीएमओ मंडी डॉ. जीवानंद चौहान ने कहा कि डॉक्टरों की कमी से समस्याएं आ रही हैं। लेकिन सीएचसी में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। डाक्टर के वहां पर न होने के बारे में जवाब तलब किया जाएगा। अगर कोई कोताही की गई होगी तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिलावासियों से अपील भी की है कि अगर अस्पतालों में मरीजों को उपचार देने में कोई कोताही करे तो कृपया उच्च अधिकारियों को इस बारे में जरूर सूचित करें।
000