करसोग (मंडी)। उपमंडल करसोग की मतेहल पंचायत के मझास गांव में दो मंजिला मकान आग की भेंट चढ़ गया है। इस मकान में छह परिवारों के 30 लोग रहते थे। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ है। प्रशासन की ओर से घटना स्थल का दौरा करने के बाद फौरी राहत और सामग्री परिवारों को दी गई है। आग से करीब 50-60 लाख का नुकसान हुआ है। घटना से इन लोगों के पहने हुए कपड़ों के अलावा और कुछ भी नहीं बचा है। इन परिवारों में दास, दुर्गासिंह, केवलराम सभी पुत्र नरपत, महेंद्र, संजय दोनों पुत्र हीराराम और चूड़ामणी पत्नी स्व. चेतराम इस मकान में रहते थे। इनकी जीवन भर की पूंजी पल भर में राख हो गई है। जानकारी के अनुसार यह आग की घटना मंगलवार दोपहर बाद हुई, जब सभी घरवाले कहीं गांव में किसी का लेंटर (स्लैप) डालने के लिए गए थे। घर पर पांच साल का बेटा और एक बुजुर्ग थी, जैसे ही बच्ची ने घर में आग लगी देखी तो बुजुर्ग महिला को बताया। इस पर वृद्धा ने इधर-उधर आवाजें डालनी शुरू कीं। ग्रामीणों ने घरवालों के साथ आग बुझाने का प्रयास किया, मगर आग इतनी भयंकर थी कि इस पर काबू पाना मुश्किल था। आग की घटना के बारे पुलिस और राजस्व विभाग को सूचना दी गई। पुलिस और राजस्व विभाग ने घटनास्थल पर पहुंच कर नुकसान का जायजा लिया। राजस्व विभाग और नायब तहसीलदार ने आग से हुए नुकसान का आकलन 50-60 लाख बताया है। प्रशासन की तरफ से पीड़ित परिवारों को 30 हजार की राशि, कंबल और तिरपाल प्रदान किए गए हैं। थाना प्रभारी ओमकार नाथ ने इसका कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया है। वहीं करसोग के विधायक हीरालाल ने घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों को कंबल, 3 क्विंटल चावल, 3 क्विंटल आटा, 12 किलो दालें, एक पेटी तेल भी प्रदान किया है। उन्होंने अन्य मदद का भी आश्वासन दिया है।