सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर-चंडीगढ़ हाइवे पर चमुखा में सोमवार सुबह पहाड़ पर भू-स्खलन होने से फोरलेन पर सौ मीटर के दायरे में भारी मलबा गिरा है। इसके कारण फोरलेन की एक लेन आवागमन के लिए पूरी तरह से बंद हो गई है। वहीं, पहाड़ में 20 मीटर ऊपर करीब डेढ़ सौ मीटर के दायरे में दरार आ जाने से और अधिक मलबा नीचे सड़क पर आने का खतरा पैदा हो गया है। फोरलेन की दूसरी ओर एक जगह पर जमीन धंसने से हाईवे भी बैठने लगा है। हाईवे पर पहाड़ से भू-स्खलन की सूचना मिलते ही डीएसपी तरनजीत सिंह और तहसीलदार वेद प्रकाश मौके पर पहुंचे तथा उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तुरंत मौके पर यातायात के सुरक्षित आवागमन के लिए फोरलेन की दूसरी लेन के दोनों ओर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। जबकि पुलिस को मौका पर निगरानी कर हो रहे भू-स्खलन पर निगाह रखने के लिए कहा है। मौके का दौरा करने के दौरान तहसीलदार ने भू-स्खलन वाले क्षेत्र में फोरलेन के नीचे की ओर बने करीब आधा दर्जन मकानों में रहने वालों लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वहां से तुरंत पलायन करने को भी कहा है। रात या दिन में किसी भी वक्त अगर पहाड़ दरकने से भू-स्खलन होता है तो किसी को जानमाल का नुकसान न हो। प्रशासन ने फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी के अधिकारियों को भी मौके पर तलब कर उन्हें हाईवे की सुरक्षा के लिए इंतजामात करने के निर्देश दिए हैं। इधर, हाईवे पर भू-स्खलन वाले स्थान पर साजू राम का नवनिर्मित मकान खतरे की जद में आ गया है। स्थानीय निवासी मोहन लाल और बालक राम महंत ने बताया इस भू-स्खलन से सबसे अधिक उनकी जमीन को नुकसान हुआ है। उनके आम का बागीचा इसकी जद में आने से उखड़ चुका है और करीब पांच बीघा जमीन भी जमींदोज हो गई है। उन्होंने प्रशासन से उनके हुए नुकसान का मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। भू-स्खलन की सूचना मिलने पर जिला भाजपा के अध्यक्ष राकेश जंवाल ने मौके पर पहुंच कर स्थानीय लोगों से इसके बारे में बात की और मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा को इसके बारे में जानकारी प्रदान कर नेशनल हाईवे प्राधिकरण को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की। इधर, तहसीलदार वेद प्रकाश ने बताया पहाड़ी से फोरलेन पर भू-स्खलन होने के बाद से लगातार पत्थर और मिट्टी का गिरना जारी है। इसके कारण पुलिस को हाईवे पर सुरक्षा को लेकर अधिक एहतियात के साथ यातायात को सुचारु बनाये रखने को कहा गया है। वहीं फोरलेन की एक लाइन यातायात के लिए मलबा गिरने के बाद से बंद है। उन्होंने भू-स्खलन वाले क्षेत्र में स्थित मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षा के मद्देनजर वहां से पलायन करने के निर्देश जारी करने की भी पुष्टि की है।