रोहांडा (मंडी)। सुंदरनगर के तहत रोहांडा में ईको टूरिज्म के तहत बनाया गया विश्रामगृह उचित रख रखाव न होने के चलते खंडहर बन गया है। रोहांडा से कमरूनाग के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यहां पर कोई भी सुविधा नहीं मिल रही है। शरारती तत्वों ने इस विश्रामगृह की हालत इतनी खराब कर दी है कि लोगों को यहां पर खड़े होने से भी डर लगता है। विश्रामगृह वन विभाग के अधीन है, लेकिन विभाग की तरफ से भी इस विश्रामगृह की दशा सुधारने और रखरखाव का कोई प्रबंध नहीं किया जा रहा है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि इस विश्रामगृह पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसकी हालत बेहद खराब हो गई है। यहां के शौचालयों की हालत दयनीय होने के कारण इनकी कोई सुविधा नहीं मिल रही है। भवन की दीवारों पर शरारती तत्वों ने गंदी-गंदी बातें लिख दी हैं। कूड़ेदानों को तोड़ दिया है। भवन में गंदगी ही गंदगी दिखाई देती है। पंचायत प्रधान रोहांडा प्रकाश चंद ने बताया कि इस बारे में वन विभाग को कई बार सूचित किया गया, लेकिन इसकी हालत सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। जिलाधीश को भी इस बारे में अवगत करवाया गया है। विद्यार्थियों सुरेंद्र, आकांक्षा, राजरानी, रेखा, सुनीता, शिवानी, सोदेव आदि ने कहा कि यह स्थान इतना पवित्र है कि यहां श्रद्धालु और पर्यटक आते जाते रहते हैं, लेकिन उनको विश्राम करने के लिए बनाए गए इस विश्रामगृह का कोई भी लाभ नहीं मिल रहा है।
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मामला ध्यान में है : सुमित भारद्वाज
डीएफओ सुंदरनगर सुमित भारद्वाज ने कहा कि मामला उनके ध्यान में है। शीघ्र ही रखरखाव किया जाएगा। बजट की कमी के कारण विश्राम गृह दुरुस्त नहीं हो पाया है।
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