मंडी। हिमाचल प्रदेश राजपूत सभा की राज्यस्तरीय बैठक एसआर सिटीजन होम मंडी में मंगलवार को हुई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर एससीएसटी वर्ग के विरोध प्रदर्शन पर रोष प्रस्ताव पारित किया गया। विभिन्न संगठनों की ओर से देश में हिंसक प्रदर्शन और अरबों का नुकसान करने की निंदा की गई। बैठक में हिमाचल ब्राह्मण सभा, केंद्रीय कर्मचारी पेंशनर संघ, राज्य कर्मचारी पेंशनर संघ और स्वर्ण अनारक्षित मंच के पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता राजपूत महासभा के राज्य महासचिव केएस जंवाल ने की। मीटिंग में ऐसे असामाजिक तत्वों से आग्रह किया कि उच्चतम न्यायालय का सम्मान करते हुए इस तरह की स्थिति पैदा न करें अन्यथा इसके गंभीर परिणाम होंगे। इन संगठनों के नेताओं ने फैसले का विरोध कर रहे केंद्र सरकार के मंत्रियों को भी आड़े हाथों लिया और केंद्र सरकार की ओर से पुन: याचिका डालने की कड़ी निंदा की। उन्होंने उच्च न्यायालय द्वारा इस याचिका को सिरे से खारिज करने का स्वागत किया और इसे ऐतिहासिक पहल करार दिया। उन्होंने कहा कि अरबों के नुकसान की भरपाई भी संबंधित संगठनों से करवाई जाए। बैठक में आगामी 10 अप्रैल को राष्ट्रव्यापी भारत बंद अथवा प्रदर्शन करने के विरोध में धरना दिया जाएगा। इस दौरान जिला तथा प्रदेशस्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इस संदर्भ में सभी संगठनों के पदाधिकारियों व सदस्यों से आग्रह किया कि भारी संख्या में प्रदर्शन में उपस्थिति दर्ज करवाएं।