पधर (मंडी)। माकूल बारिश न होने के चलते किसानों की अंतिम उम्मीद देवताओं की मेहरबानी पर टिकी हुई है। सिलग पंचायत के किसानों ने सिलग की धार पर स्थित वर्षा की देवी सोलह सुरगणी के मंदिर में शनिवार रात को जगराते का आयोजन किया। बारिश की देवी को खुश करने के लिए मंदिर में रविवार सुबह हवन पूजन किया गया। किसानों ने इस दौरान मंदिर में सामूहिक हाजिरी लगाकर बारिश के लिए बारिश की देवी से गुहार लगाई। देव पाईंदल ऋषि द्रंग सिरा के गुर केएस ठाकुर, पुजारी राम चंद्र, माता कमेटी के प्रधान रेवत सिंह ठाकुर की अगुवाई में किसान और ग्रामीण बारिश की देवी को खुश करने के लिए गुहार लगाते दिखे। बारिश की देवी ने पर्याप्त बारिश न होने के पीछे रहे तमाम कारणों का हवाला देते हुए लोगों की अरदास को सुन लिया और आने वाले कुछ दिनों के भीतर वर्षा होने के संकेत दिए। उधर, हार भ्रमण पर निकले चौहारघाटी के बड़ादेयो हुरंग नारायण इन दिनों गवाली पंचायत के गांव में हैं। रविवार शाम देव हुरंग नारायण का रथ पुंदल गांव में पहुंचेगा। देव हुरंग का रथ यहां वर्षा की देवी पुंदल भगवती के मंदिर में बतौर मेहमान रुकेगा। सोमवार को मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद दोनों देवताओं से लोग बारिश की गुहार लगाएंगे। पुंदल गांव में वर्षा की देवी फुटाखल परमेश्वरी का ठांव है। माता का मूल मंदिर फुटाखल के जंगल में हैं, जहां माता के सरोवर से वर्षा की मन्नत हमेशा पूरी होती है। देव हुरंग ने भी पिछले दिनों अपने प्राचीन ठांव में पर्याप्त बारिश न होने के पीछे देव समाज में कोई विघ्न होना कारण बताया था। इस चिंतन को लेकर उन्होंने संकेत दिए थे कि समस्या को लेकर देवतागण समाधान में जुटे हैं। सोमवार को पुंदल गांव में हो रहे हारका में लोग दोबारा से देव हुरंग नारायण और वर्षा की देवी फुटाखल परमेश्वरी पुंदल भगवती से सामूहिक गुहार लगाएंगे। पिछले दिनों गवाहन गांव में देव हुरंग नारायण ने एक दो दिनों के भीतर बारिश होने के संकेत दिए थे। इस दौरान देव हुरंग नारायण के वायदे केे मुताबिक बारिश तो हुई मगर माकूल वर्षा न होने से किसानों के चेहरों पर अभी भी मायूसी बनी हुई है। क्षेत्र के लोगों की नजर सोमवार को पुंदल भगवती के दरबार में हो रहे हारका पर है। देव हुरंग नारायण के गुर राजू परमेश्वरी के गूर भाग चंद, फुटाखल परमेश्वरी के गूर तेज सिंह, पुंदल भगवती के गूर भोला राम हारका प्रथा में अहम भूमिका कारदारों की ओर से निभाएंगे।