पधर (मंडी)। राजकीय महाविद्यालय द्रंग स्थित नारला में शनिवार को भारतीय सांस्कृतिक संगीत समारोह का आयोजन किया गया। इसमें कार्यकारी प्राचार्य डॉ. कल्याण चंद मंढोत्रा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। पुलकित और बैशाखू राम ने विशेष अतिथि के रूप में उपस्थिति दर्ज करवाई। कल्याण मंढोत्रा ने संगीत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगीत जीवन की आत्मा है। सामाजिक जीवन पर ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जो संगीत से अछूता हो। हमारे लोक संगीत हमारी परंपराओं एवं रीति रिवाजों का प्रतिबिंब है। लोक संगीत से ही शास्त्रीय संगीत का जन्म हुआ है। विशेष अतिथि पुलकित ने हादसे कुछ दिल के ऐसे हो गए... गजल और कटवा नई लांघना नई यादां तेरियां दे नाल दिन मेरा, पंजाबी लोकगीत एवं हिमाचली लोकगीत पल भर बई लेना बई लेना हो जिंदे, जिउ लगा जलदा शोभली... गीत प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध किया। कॉलेज छात्रा सुनीता एवं सहेलियों ने बसा ते बेसिया लागी नजरा पहाड़ी गीत प्रस्तुत किया। सुनीत ने मुझे नजर से गिरा तो रहे हो... गजल प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
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