मंडी। शोध के क्षेत्र में युवाओं का रुझान नहीं होना देश के लिए बहुत ही चिंता का विषय है। रिसर्च में मात्र एक प्रतिशत युवा ही आगे आ रहे हैं। यहां तक पहुंचने के लिए कई कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है। नतीजतन हम अमेरिका, चीन और अन्य विकासशील देशों को टक्कर देने में पीछे रहते हैं। यह बात वल्लभ कॉलेज में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राज्यस्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने कही। कहा कि आज के दौर में शिक्षा में गुणवत्ता को दरकिनार किया जा रहा है, इसलिए छात्रों का ज्ञान भंडार भी मात्र जरूरतों तक ही सीमित है। विद्यार्थियों को मात्र शिक्षक नहीं लर्नर की जरूरत है। इस तरह से ज्ञान अर्जित करें ताकि, भारत को एक बार फिर विश्वगुरु बनाया जा सके।