अमर उजाला ब्यूरो
चैलचौक (मंडी)। कमरूनाग और शिकारी देवी मंदिरों के लिए जाने वाले सभी रास्तों में अब गोहर और जंजैहली प्रशासन चेतावनी बोर्ड लगाएगा। कमरूनाग और शिकारी देवी पहाड़ियों पर पिछले वर्ष हुई दो युवाओं की मौत के बाद बर्फ में फंसने की घटना से सबक लेते हुए गोहर और जंजैहली प्रशासन ने फिर से यह फरमान जारी किया है। हालांकि, पिछली बार भी यह निर्देश जारी हुए थे, लेकिन इस पर अमल नहीं हो सका है। प्रशासन का दावा है कि बर्फबारी में देव स्थलों को जाने वाले लोग चेतावनी बोर्ड पढ़कर सतर्क हो जाएं। इसके लिए जल्द प्रशासन चेतावनी बोर्ड लगाने की व्यवस्था करेगा। शिकारी देवी में एनआईटी छात्रों की बर्फ में ठंड के कारण पिछले साल मौत होने और बड़ा देव कमरूनाग मंदिर में सुंदरनगर क्षेत्र के करीब आधा दर्जन युवकों के बर्फ में फंसने की घटना से सबक लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने बर्फबारी की घटनाओं से निपटने के पुख्ता प्रबंध करने का दावा किया है। एसडीएम राघव शर्मा ने जल्द धार्मिक स्थलों के पैदल और वाहन योग्य मार्गों पर बर्फबारी के चेतावनी बोर्ड लगाने का फरमान जारी किया है। कमरूनाग मंदिर को जाने वाले रास्तों में सरोआ जालपा मंदिर, रोहांडा, बाढू संजाला, मंडोगलू, जाच्छ, धंग्यारा, शाला, जहल समेत अन्य रास्ते शामिल है, जहां पर प्रशासन अब जल्द चेतावनी बोर्ड लगाने की तैयारी में है। कांढी कमरूनाग पंचायत के प्रधान मान सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रशासन का यह निर्णय बिल्कुल सही है। रोहांडा पंचायत के प्रधान प्रकाश चंद ने बताया कि सुंदनगर प्रशासन भी रोहांडा रास्ते में चेतावनी बोर्ड लगाए। चच्योट पंचायत के उप प्रधान ओपी नेगी ने बताया कि मंडोगलू से कमरूनाग को रास्ता है, जहां चेतावनी बोर्ड लगा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरोआ मंदिर में भी चेतावनी बोर्ड की व्यवस्था की जा रही है। जंजैहली के एसडीएम अश्विनी कुमार ने बताया कि जंजैहली से भुलाह तक प्रशासन शिकारी माता जाने वाली सड़क में चेतावनी बोर्ड लगा रहा है और आसपास की पंचायतों के रास्तों में संबंधित पंचायतों को चेतावनी बोर्ड लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं।