सुंदरनगर (मंडी)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अंकेक्षक पवन मिश्रा का कहना है कि शिक्षा के स्तर में आ रही निरंतर गिरावट के लिए प्रदेश सरकार और इसमें बैठी अफसरशाही सीधे तौर पर जिम्मेवार है। जिसकी वजह से शिक्षा के क्षेत्र में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। सुंदरनगर में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की जिला स्तरीय बैठक में शिक्षकों को संबोधित करते हुए पवन मिश्रा ने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षा विभाग में अलग-अलग उपनाम देकर अस्थायी तौर पर शिक्षकों की नियुक्तियां की जा रही हैं। अस्थायी तौर पर नियुक्तियों को लेकर शिक्षक स्वयं को असुरक्षित महसूस करता रहता है। जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार को शिक्षा के क्षेत्र में काम चलाऊ व्यवस्था के स्थान पर शिक्षकों की स्थायी नियुक्तियां करनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से पुरानी पेंशन पद्धति बहाल करने, पीजीटी के लिए प्रवक्ता पदनाम, 4-9-14 को लेकर सात जुलाई 2014 से पहले की स्थिति, पांचवीं और आठवीं में बोर्ड की परीक्षा बहाल करने और पदोन्नतियों में ग्रेड पे देने के लिए दो साल की शर्त हटाने की मांग की है। बैठक में मंडी जिला इकाई के महासचिव चिंता मिश्रा की कार्यप्रणाली से खफा और महासंघ की गतिविधियों और बैठकों में शामिल न होने पर पद से निष्कासित कर दिया गया है। उनके स्थान पर बैठक में सर्वसम्मति से प्रकाश चंद कौशल को मंडी जिला इकाई का महासचिव बनाया गया है। इस अवसर पर राज्य मीडिया प्रभारी दर्शन लाल, जिला उपाध्यक्ष अमर सिंह, संगठन मंत्री यशपाल, श्रवण कुमार, निरंजन सिंह, हरीश ठाकुर, ओम चंद, रूप लाल, प्रेम लाल समेत अन्य सदस्य विशेष तौर से मौजूद रहे।