फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता कमरूनाग नहीं मानें तो बेटे लटोगली से कराएंगे बारिश

विज्ञापन
विज्ञापन
गोहर (मंडी)। बड़ा देव कमरूनाग के गूर अगर बारिश की पूछ नहीं देते हैं तो किसान बागवान देवता के ज्येष्ठ पुत्र देव शिल्ही लटोगली की भी शरण ले सकते हैं। शनिवार या रविवार को क्षेत्र के किसान-बागवान बड़ा देव कमरूनाग के पुत्र शिल्ही लटोगली की शरण में जाने की तैयारी में है मगर इंद्र देवता अभी खुश नहीं दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र के किसान और बागवान बारिश को लेकर संकट में है। उधर, बड़ा देव कमरूनाग के गूर की कुर्सी पर निरंतर खतरा मंडराता जा रहा है। देवता को खुश करने के लिए गूर लीलमणी सफल होते हैं या नहीं यह देखने वाला होगा। मगर किसान बागवान पिता कमरूनाग और पुत्र शिल्ही लटोगली के दरबार में धरना देने की तैयारी में है। ऐसे में बड़ा देव कमरूनाग के गूर पर संकट के बादल छा गए हैं। क्षेत्र में गेहूं की बिजाई के लिए लोग बारिश मांग रहे हैं। मगर गूर भी देवता को बारिश के लिए प्रसन्न करवाने में असफल साबित हो रहे हैं। जालपा देवी के कटवाल दीवान चंद ठाकुर ने कहा कि बारिश के लिए आगामी शनिवार और रविवार को कमरूघाटी के लोग देव कमरूनाग के पुत्र शिल्ही लटोगली के दरबार में बारिश मांगने जा रहे हैं। बड़ा देव कमरूनाग के गूर से अगर बारिश न हो तो उन्हें कई बार देवता के पुत्र शिल्ही लटोगली के दरबार मेें पहुंचना पड़ता है। आजकल क्षेत्र के किसान बागवान बारिश के लिए निरंतर इंतजार में है। देव कमरूनाग के गूरों की बारिश के लिए अग्नि परीक्षा जल्द शुरू होने वाली है, जिसके लिए किसान और बागवान जल्द कांढी कमरूनाग पहुंचने वाले हैं। शिल्ही लटोगली के गूर शेर सिंह ठाकुर ने बताया कि अगर किसान बागवान देवता के दरबार में आते हैं तो वे देवता को धूप जलाकर बारिश के लिए मनाने का प्रयास करेंगे। क्षेत्र के लोगों महेंद्र कुमार, वेद प्रकाश, दौलत राम, राकेश कुमार, निहाल सिंह, किशोरी लाल और उत्तम चंद ने बताया कि बारिश के लिए आसरा है तो देवताओं का ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें