जोगिंद्रनगर (मंडी)। सिविल जज जोगिंद्रनगर नेहा शर्मा ने भारतीय पब्लिक स्कूल जोगिंद्रनगर के प्रांगण में वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के संदर्भ में जागरूक किया। कहा कि स्टेट सर्विस अथॉरिटी के आदेशानुसार इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीनियर सिटीजन यू आर नॉट अलोन नाम से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे जागृत करना है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर देखने में आता है कि अपनी पूरी उम्र की कमाई मां-बाप अपने बच्चों के नाम कर देते हैं और अंतत: वही बच्चे उन्हें घर से निकाल कर उनका पालन-पोषण करना बंद कर देते हैं। ऐसे मामलों में उच्च न्यायालय द्वारा जनहित में कई ऐसे कानून बनाए गए हैं, जोकि उनकी ऐसी विकट परिस्थितियों में मदद करते हैं। अगर किसी बुजुर्ग की संतान उसका पालन-पोषण करने से इंकार करती है तो उनके द्वारा न्याय पालिका में मात्र अर्जी देने से ही उन्हें उनका केस लड़ने के लिए नि:शुल्क रूप में वकील मुहैया करवाया जाता है। साथ ही उनके रहन-सहन के हिसाब से उन्हें दस हजार तक का अंतरिम खर्च भी उनके उत्तराधिकारी से उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। बच्चों की ओर से उनके बूढ़े मां-बाप की उपेक्षा करने पर तीन माह की कैद और पांच हजार का जुर्माना भी किया जा सकता है। नेहा ने कहा कि आज सरकार को घरेलू महिलाओं के लिए कोई न कोई योजना लाने की आवश्यकता है।