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दूषित हो रही पावन झील रिवालसर को बचाने के प्रयास नाकाम

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रिवालसर झील को बचाने के प्रयास नाकाम
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प्रशासन की ओर से नहीं की जा रही पहल
दूषित पानी को रोकने का नहीं निकला तरीका
अमर उजाला ब्यूरो
रिवालसर (मंडी)। दूषित हो रही प्रसिद्ध रिवालसर झील के संरक्षण को कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। हालत यह है कि पानी दूषित होने से मछलियां मरने की घटना को करीब एक साल होने को है, लेकिन विभाग और स्थानीय पंचायत ने इस झील को प्रदूषण मुक्त करने करने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए हैं। हालांकि, मछलियों को चारा डालने पर प्रतिबंध लगाया गया है लेकिन उसके अलावा इस झील को बचाने के लिए न के बराबर कार्य हुआ है। गत वर्ष झील में टनों के हिसाब से मछलियों की मौत के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में झील बचाओ कमेटी का गठन कर दिया, लेकिन यह कमेटी कागजों तक ही सीमित हो गई। सारी कवायदें कागजों तक ही सीमित रह गईं। न तो झील में दूषित पानी को रोकने का तरीका निकाला गया और न ही झील की साफ-सफाई के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं। उधर, डेवलपमेंट एक्शन ग्रुप के प्रधान नरेश कुमार ने बताया कि मामले के संदर्भ में प्रशासन को समय-समय पर अवगत करवाया जाता रहा है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उधर, नगर पंचायत के अध्यक्ष लाभ सिंह ने बताया कि मामला जिला प्रशासन के ध्यान में लाया जा रहा है। एसडीएम बल्ह अश्वनी कुमार ने कहा कि हाल ही में उन्होंने ज्वाइन किया है। मामले में जानकारी हासिल की जाएगी और झील का संरक्षण किया जाएगा।
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