अमर उजाला ब्यूरो
सरकाघाट (मंडी)। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह की घोषणा के बाद अब 6 पंचायतों के लोगों को सीर खड्ड के तटीकरण की आस जग गई है। इस तटीकरण से क्षेत्र के किसानों की हर वर्ष बरसात के मौसम में बर्बाद होने वाली जमीन बच सकती है और किसानों की फसलें बहने से बच जाएंगी। क्योंकि अब तक सीर खड्ड ने सैकड़ों बीघा जमीन को बंजर बाना दिया है। भूमि कटाव से किसानों को बरसात में अपनी फसलों से भी हाथ धोना पड़ता है क्योंकि बरसात में यह खड्ड विकराल रूप धारण कर लेती है और किनारों पर स्थित उपजाऊ जमीन को बहा ले जाती है। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार किए प्रारूप के अनुसार यह तटीकरण बरच्छवाड़ पंचायत मुख्यालय से लेकर जाहू तक किया जाना है। इससे क्षेत्र की बरच्छवाड़, हरि बैहना, फतेहपुर, पौंटा और सुलपुर बही पंचायतों को लाभ मिलेगा। तटीकरण पर विभाग के अनुसार 66 करोड़ की लागत आएगी। इस तटीकरण से विभाग के 6 पंप हाउस, पथ परिवहन की कार्यशालाओं, आईपीएच विभाग के मंडलीय भंडारों और कई मकानों को भी सुरक्षा मिलेगी। क्षेत्र के निवासियों हरीराम, जोधा राम शर्मा, बरच्छवाड़ पंचायत प्रधान ज्ञान चंद, हरिबैहना के पंचायत प्रधान दुनी चंद, फतेहपुर के राकेश कुमार, पौंटा की प्रधान शकुंतला देवी, सुलपुर बही की प्रधान रिंकू चंदेल सहित ग्रामीणों श्याम सिंह, दया राम, कृष्ण चंद, बख्शी राम, प्रेमचंद, बृजलाल, जगदीश शर्मा, रूपलाल, भिखमराम, नारायण सिंह, नरेंद्र कुमार, प्रेम सिंह, लाल चंद, अर्जुन कौंडल, भूपेंद्र सिंह, इंद्र सिंह, नानक चंद, रामलाल सहित कई ग्रामीणों ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री के प्रति इस खड्ड के तटीकरण के लिए शीघ्र बजट का प्रावधान करवाने के लिए आभार प्रकट किया है। विभाग के अधिशासी अभियंता मंडल सरकाघाट एसके जसवाल ने बताया कि मंत्री की घोषणा के बाद तुरंत 66 करोड़ के बजट का प्रावधान करके अंतिम मंजूरी के लिए मुख्य अभियंता को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।