थुर्ड गांव में नहीं पहुंची सौर ऊर्जा की रोशनी
पूर्व सरकार पर अनदेखी का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
सरकाघाट (मंडी)। सौर ऊर्जा के माध्यम से उजाला फैलाने वाले हिम ऊर्जा सरकाघाट उपमंडल के पिछड़े गांव थुर्ड को आज तक रोशन नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों में रोष है। क्षेत्र की दूरदराज पंचायत भद्रवाड़ में करीब 40 परिवार ऐसे हैं, जो सौर ऊर्जा लाइट मिशन से अछूते रह गए हैं। इन परिवारों ने महिला मंडल, पंचायत और युवक मंडल के माध्यम से यह मामला पूर्व सरकार के समक्ष उठाया था, लेकिन कोई आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। दिलचस्प बात यह है कि इस गांव में सभी परिवार अन्य पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखते हैं और भौगोलिक दृष्टि से विपरीत परिस्थितियों के बावजूद विकास के लिए संघर्षरत हैं। भद्रवाड़ पंचायत के प्रधान ओमप्रकाश ने बताया कि सरकार से थुर्ड गांव में सौर ऊर्जा लाइटें लगाने के लिए कई बार आग्रह किया गया, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली। शक्ति महिला मंडल की प्रधान सुमना देवी और सचिव लता देवी का कहना है कि वर्तमान ऊर्जा मंत्री के संज्ञान में यह मामला पहले भी लाया जा चुका है, जब वह ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री थे। उन्होंने एक पत्र के माध्यम से परियोजना अधिकारी हिम ऊर्जा मंडी को शीघ्र कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। जिला परिषद और विधायक द्वारा क्षेत्र की विकास निधि से भी इस दूरदराज गांव को सौर ऊर्जा कार्यक्रम से जोड़ने की पहल नहीं की गई। महिला मंडल की सदस्यों ने बताया कि बरसात के दिनों में भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि गांव में वरीयता के आधार पर अविलंब सौर ऊर्जा लाइटें लगाई जाएं।