चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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अमर उजाला ब्यूरो
सरकाघाट (मंडी)। मारपीट का अभियोग साबित होने पर अदालत ने एक आरोपी को दो साल के साधारण कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर-दो के न्यायालय ने मौहीं गांव निवासी हुक्म चंद पुत्र संत राम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 325, 323 और 341 के तहत अभियोग साबित होने पर उसे क्रमश: दो साल, छह माह और एक माह के साधारण कारावास और क्रमश: एक हजार और पांच-पांच सौ रुपये जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार लंगेहड़ (गोपालपुर) निवासी इंद्र सिंह ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी 27 मई 2012 को जब वह अपनी जमीन की ओर गया तो वहां पर उसके रिश्ते के चाचा का लड़का आरोपी हुक्म चंद मुस्तरीका जमीन पर अपने मकान का निर्माण करवा रहा था। शिकायतकर्ता ने वहां काम कर रहे मजदूरों को कुछ जगह छोड़ कर भवन के पिलरों की खुदाई करने को कहा। इस पर आरोपी वहां पर आया और इंद्र को रोक कर उसने हाथ में लिए फावड़े से हमला कर दिया, जिससे इंद्र सिंह को आंख पर चोट आई और वह बेहोश हो गया। पुलिस ने इंद्र सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज करके आरोपी के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला न्यायवादी नितिन कुमार और आशीष कुमार ने आरोपी के खिलाफ अभियोग को साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ मारपीट करने का अभियोग साबित हुआ है, जिसके चलते अदालत ने आरोपी को कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।