मंडी। हिमाचल प्रदेश के मुर्धन्य साहित्यकार एवं क्रांतिकारी विचारक यशपाल की जयंती पर मंडी में जिला स्तरीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि दीनू कश्यप ने की। जबकि वेद प्रचारक एवं साहित्यकार आचार्य भगवान देव चैतन्य ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। वहीं, वरिष्ठ साहित्यकार कृष्ण कुमार नूतन विशिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समारोह का शुभारंभ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करने के साथ हुआ। जिला भाषा एवं संस्कृति अधिकारी रेवती सैनी ने यशपाल जयंती पर उपस्थित साहित्यकारों एवं कवियों का स्वागत किया। इस अवसर पर साहित्यकार अर्पणा धीमान ने यशपाल की जीवनी पर प्रकाश डाला। कहा कि यशपाल सामाजिक चेतना के अग्रगामी विचारक एवं चिंतक थे। उन्होंने अपने समय और समाज की चिंताओं को अपने साहित्य में स्थान दिया। वहीं स्वतंत्रता आंदोलन में उनका अहम योगदान रहा है। कथाकार के रूप में उन्होंने हिमाचल और मध्यवर्ग की रूढ़ियों पर प्रहार किया। उनकी कहानियों में खच्चर और आदमी, उत्तमी की मां, तुमने क्यों कहा मैं सुंदर हूं के अलावा दादा कामरेड, पार्टी कामरेड, मनुष्य के रूप, दिव्या, झूठा सच आदि अनेक उपन्यास लिखे। इस अवसर पर प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कवि दीनू कश्यप ने कृष्ण कुमार नूतन के कृतित्व पर चर्चा करते हुए कहा कि हिमाचल की लोक बिरादरी में कृष्ण कुमार नूतन सबसे वरिष्ठ हैं। इस सत्र का संचालन कर रही रूपेश्वरी शर्मा ने कहा कि कृष्ण कुमार नूतन ने कई नई प्रतिभाओं को आगे आने का मौका दिया है। दूसरा सत्र कविता को समर्पित था।