जोगिंद्रनगर (मंडी )। प्रदेश एकल नारी शक्ति संगठन ने राष्ट्रीय राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वह उनकी मांगों को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करें। साथ ही राजस्थान, उत्तराखंड और झारखंड की तर्ज पर राज्य सरकार परित्यक्त महिलाओं को परिभाषित करके उनके लिए नीति बनाने की मांग जोर शोर से उठाई है। जिला समन्वयक कमला ठाकुर और एकल नारी द्रंग की कार्यकर्ता मीना शर्मा ने कहा कि सभी परित्यक्त महिलाओं को अलग परिवार का राशन कार्ड जारी किया जाना चाहिए। सरकारी योजना का लाभ पाने की सालाना निर्धारित आय 35 हजार से बढ़ाकर 1 लाख की जाए। मानसिक और शारीरिक तौर पर विकलांग बच्चों को भी मदर टैरेसा असहाय संबल योजना से जोड़ा जाए। एकल नारी शक्ति संगठन को सरकार की ओर से 50 बीघा जमीन उपलब्ध करवाई जाए। मनरेगा के तहत 200 दिनों का रोजगार मुहैया करवाया जाए। डिपो में मिलने वाले राशन की मात्रा में बढ़ोतरी करते हुए आटा, चावल को 10 से 20 किलो किया जाए। चीनी की मात्रा 600 ग्राम से 1 किलो की जाए। महिलाओं के नाम को राजस्व दस्तावेजों में काश्तकार के रूप में दर्ज किया जाए। इससे महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा में काफी कमी आएगी, क्योंकि प्रदेश में 80 से ज्यादा प्रतिशत महिलाएं खेती का काम करती हैं।