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Kullu News: स्वास्थ्य विभाग की सुविधा से ‘दुविधा’ में मरीज

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कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल की व्यवस्था में किडनी मरीज उलझ कर रह गए हैं। भुगतान न होने पर अस्पताल में डायलिसिस की निशुल्क सुविधा दे रही कंपनी ने हाथ पीछे खींच लिए हैं, वहीं अब मरीजाें को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुविधा के लिए दो निजी स्वास्थ्य केंद्रों को डायलिसिस का जिम्मा दिया है, लेकिन मरीजों को डायलिसिस से पहले होने वाले टेस्ट के लिए भटकना पड़ रहा है। निजी स्वास्थ्य केंद्र टेस्ट नहीं कर रहे हैं। इसके लिए मरीजों को क्षेत्रीय अस्पताल में टेस्ट करवाने आना पड़ रहा है।
उसके बाद निजी स्वास्थ्य केंद्रों में जाना पड़ रहा है। डायलिसिस के जिन मरीजों को रक्त की आवश्यकता होती है तो उन्हें रक्त क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में चढ़ाना पड़ेगा। इससे मरीज और तीमारदार पूरी तरह से असमंजस में हैं।
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हिम केयर और आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को कुल्लू अस्पताल में ही टेस्ट, रक्त और डायलिसिस की सुविधा मिल रही थी, लेकिन अब टेस्ट और रक्त की व्यवस्था कहीं ओर करनी पड़ रही है तो वही डायलिसिस कहीं ओर। टेस्ट करवाने और रक्त चढ़ाने के लिए मरीज को सरकारी अस्पताल जाना पड़ रहा है।
उसके बाद डायलिसिस के लिए निजी अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि मरीजों की सुविधा के लिए दो निजी अस्पतालों में डायलिसिस करवाने की सुविधा प्रदान की गई है। मरीज टेस्ट और रक्त की कमी के चलते रक्त चढ़ाने के लिए कुल्लू अस्पताल आ सकते हैं।
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कंपनी को नहीं हुआ बिलों का भुगतान
अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा प्रदान करने वाली कंपनी राही केयर ने करोड़ों में देनदारी होने की वजह से निशुल्क डायलिसिस बंद कर दिया है। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार उन्हें आयुष्मान और हिमकेयर के तहत बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। विभाग के अनुसार कंपनी की देनदारी 19 लाख के आसपास है। बिलों में अंतर मरीजों के लिए परेशानी बना हुआ है।
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