कुल्लू। वैश्विक महामारी कोरोना की रोकथाम के लिए पुलिस और प्रशासन समेत अन्य महकमे महीनों से मुस्तैद हैं। इसी का फायदा उठाकर वन माफिया भी सक्रिय हो गया है। जिला की उझी घाटी के जंगलों में पेड़ काटने वाली पावर चेन की आवाज सुनना आम हो गया है। जिला के कई क्षेत्रों से इस तरह शिकायतें आ रही हैं। ताजा मामला वनमंत्री के की विस के धरोहर गांव नग्गर से जुड़े नशाला क्षेत्र का है। जहां पर हरे-भरे जंगल से देवदार के पेड़ों को काटा गया है। कुछ पेड़ों को रातों रात गायब कर दिया गया है। वहीं इस कारनामे को छिपाने के लिए पेड़ों के ठूंठ पर मिट्टी पोती गई है ताकि पेड़ के काटने की निशान को छिपाया जाए। माफिया ने एक पेड़ को काटकर वहीं रखा गया है। नशाला के जंगल में पेड़ कटान के फोटो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहे हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले मनाली क्षेत्र में भी अवैध पेड़ कटान का एक विडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था। बाद में पेड़ों के ठूंठ को जलाकर इन्हें तथाकथित सूखे पेड़ घोषित कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि जिला में चरस माफिया की तरह ही वन माफिया भी वजूद में है। बेशक पुलिस और वन विभाग समय-समय पर ऐसे तत्वों पर कार्रवाई कर रहा है। बावजूद माफिया अपने कारनामों से बाज नहीं आ रहा है। वन विभाग कुल्लू के अरण्यपाल अनिल शर्मा ने कहा कि उनके ध्यान में मामला नहीं है। अधिकारियों से जानकारी लेकर वन कटुओं पर कार्रवाई की जाएगी।