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Kullu News: पर्यटन सीजन सिर पर, नहीं सुधरी सड़क की हालत

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भुंतर-म​णिकर्ण सड़क में जच्छणी के समीप क्षतिग्रस्त सड़क, अस्थायी रूप से सड़क बहाल होने के बाद य
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भुंतर (कुल्लू)। समर सीजन के लिए अप्रैल में अब कुल्लू-मनाली में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने लगा है। 15 अप्रैल से लगभग जिले में पर्यटन सीजन शुरू हो जाएगा, लेकिन आपदा में खराब हुई सड़कों की दशा अभी तक नहीं सुधरी है। मणिकर्ण घाटी की मुख्य सड़क भुंतर-मणिकर्ण की हालत बहुत खस्ता है। पर्यटन सीजन के दौरान यहां पर आने वाले पर्यटकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
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जबकि केंद्र सरकार की ओर से आपदा से हुई क्षति की भरपाई के लिए 38 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। यह राशि आपदा में क्षतिग्रस्त सड़कों पर खर्च की जानी है। पिछले साल आपदा के चलते पार्वती नदी की बाढ़ से मणिकर्ण से लेकर भुंतर तक 35 किलोमीटर के दायरे में सड़क को भारी नुकसान पहुंचा था। घाटी के बाशिंदों को उम्मीद थी कि अप्रैल में पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले सड़क को दुरुस्त किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। हालांकि, अब विधानसभा उपचुनाव और लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता भी लग चुकी है। अधिकतर काम रुक गए हैं, ऐसे में इस सड़क का मरम्मत कार्य काम कब शुरू होगा, यह देखने वाली बात होगी।
पिछले सप्ताह ही भुंतर-मणिकर्ण सड़क में आने वाले डुंखरा के समीप एक स्थान पर सड़क धंस जाने से यहां से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने मशीनरी भेजकर सड़क को दुरुस्त किया। आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सड़क के अधिकतर हिस्सों को अभी तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है। मणिकर्ण घाटी के पर्यटन कारोबारी शेर सिंह नेगी ने कहा कि पर्यटन सीजन के लिए सड़क का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है अन्यथा पर्यटन कारोबारियों को नुकसान झेलना पड़ेगा।
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क्या कहते हैं अधिकारी
सड़क को लोक निर्माण विभाग की ओर से दुरुस्त किया जा रहा है, लेकिन मौसम के चलते कार्य बाधित हो रहा है। सड़क को जल्द ही चकाचक कर दिया जाएगा। -आनंद जैन, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग शाट



कसोल और मलाणा विदेशी पर्यटकों की पसंदीदा जगह
मणिकर्ण घाटी में कसोल और मलाणा विदेशी पर्यटकों की पसंदीदा जगह हैं। कसोल में हर साल सैकड़ों विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। इसके साथ ही धार्मिक स्थल मणिकर्ण में प्राचीन राम मंदिर सहित गुरुद्वारा साहिब में काफी अधिक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला सालभर जारी रहता है।
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