पतलीकूहल (कुल्लू)। चंडीगढ़-कुल्लू-मनाली नेशनल हाइवे तीन स्थित डोहलूनाला में लगाए गए टोल प्लाजा में एनएच अथॉरिटी ने स्थानीय लोगों को राहत देने के बजाय और झटका दे दिया है। पहले स्थानीय लोगों को एक तरफ के 30 रुपये देने पड़ रहे थे और 24 घंटे में वापसी होने पर 50 फीसदी की राहत देकर 15 रुपये वसूले जा रहे थे। लेकिन अब उन्हें 45 की जगह 60 रुपये देने पड़ रहे हैं। ऐसे में डोहलूनाला का विवाद थमने के बजाय और उग्र होने के आसार हैं। हालांकि, डोहलूनाला में स्थापित टोल प्लाजा को लेकर ऊझी घाटी के लोग करीब दो माह से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि एनएच अथॉरिटी डोहलूनाला से टोल प्लाजा को हटाया जाए या तो फिर कुल्लू जिला और लाहौल के वाहनों के आवागमन में राहत दी जाए लेकिन अथॉरिटी ने फिलहाल इन मांगों को दरकिनार कर लोगों को और झटका दे दिया है। बताया जा रहा है पिछले एक सप्ताह से डोहलूनाला टोल प्लाजा में अब आने-जाने में लिए 45 की जगह 60 रुपये की वसूली की जा रही है। ऊझी घाटी निवासी हरि चंद शर्मा, फोरलेन संघर्ष समिति के प्रतिनिधि महेंद्र ठाकुर, भुवनेश्वर गौड़, देवेंद्र नेगी, बीर सिंह, चुनेश्वर ठाकुर और ऋषि किशोर का कहना है यह गरीब लोगों की जेब पर सरेआम डाका डालने जैसा है। पहले आंदोलन के दौरान प्रशासन के कहने पर वे लोग मान गए थे, लेकिन उनकी मांगों को न मानने पर जनता के सहयोग से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। घाटी के लोगों के विरोध को देखते हुए डीसी कुल्लू ने एक कमेटी बनाकर लोगों से आपत्तियां मांगी थीं लेकिन यह कमेटी स्थानीय लोगों को टोल टैक्स के मामले में अभी तक कोई राहत नहीं दे पाई है। अलबत्ता आंदोलन के बाद इस बैरियर पर पहले से दी जा रही छूट को भी बंद कर दिया गया है। दरअसल पहले 30 रुपये देने पड़ रहे थे। यदि 24 घंटे में कोई वाहन वापस आ रहा हो तो उसे 30 की जगह 15 रुपये ही देने पड़ते थे। यानी आने-जाने के 45 रुपये कटाकर ही काम चल रहा था। लेकिन अब 15 रुपये की यह छूट भी खत्म कर दी गई है। कहा कि इसका नुकसान पर्यटन के साथ घाटी की बागवानी पर भी पड़ेगा। उन्होंने जिला प्रशासन और एनएच अथॉरिटी से जनता की मांगों पर गौर करने की मांग की है, अन्यथा लोगों को फिर सड़क पर उतरना पड़ेगा।