कुल्लू के थरास स्कूल में मोटे अनाज पर आयोजित प्रदर्शनी को निहारते हुए।-संवाद
कुल्लू। मोटे अनाज का उपयोग स्वस्थ रहने के लिए बेहद आवश्यक है। पहले लोग मोटे अनाज को अपने भोजन में उपयोग करते थे, जिस वजह से वे कम बीमार पड़ते थे और स्वस्थ रहते थे। वर्तमान समय में रसायन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कर कई बीमारियों की चपेट में लोग आ रहे हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें मोटे अनाज का सेवन करना चाहिए। यह बात राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थरास की प्रधानाचार्य छिमे डोलमा ने कही। विद्यालय में मोटे अनाज की भोजन और दवाओं के रूप में उपयोगिता पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों को मोटे अनाज के फायदे और महत्व बताया गया।राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थरास में आयोजित कार्यशाला में जीबी पंत हिमालय राष्ट्रीय पर्यावरण संस्थान से डॉ. वसुधा अग्निहोत्री और डॉ. मनीष त्रिपाठी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को मोटे अनाज की उपयोगिता पर विशेष जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज को भोजन में शामिल करने से शरीर स्वस्थ रहता है। वहीं, विद्यालय में 25 मोटे अनाजों से तैयार पकवानों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में कोदरे के सिड्डू व रोटी, अखरोट व पुदीने की चटनी, मक्की की रोटी, जौ के चिलड़े, काठू के चिलड़े, खनोर की सीक का हलबा आदि के माध्यम से विद्यार्थियों को मोटे अनाज के बारे में विस्तार से बताया गया और उन्हें भोजन में शामिल करने की अपील की।