खोखण के देवता आदि ब्रम्हा पवित्र स्नान के बाद वापिस लौटते हुए ।
भुंतर (कुल्लू)। खोखण के देवता आदि ब्रह्मा ने वीरवार को भुंतर में पवित्र स्नान किया। पार्वती और ब्यास नदी के संगम पर देवता वीरवार को लाव-लश्कर के साथ पवित्र स्नान के लिए पहुंचे।
वाद्ययंत्रों की धुनों के बीच देवता आदि ब्रह्मा पवित्र जल में उतरे। पुजारियों ने शंख से नदी के पवित्र जल से देवता को स्नान करवाया। सारा वातावरण वाद्ययंत्रों की स्वरलहरियों से गूंज उठा। इस दौरान काफी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। आदि ब्रह्मा देवता इससे पहले कुल्लू दशहरा में भी लाव-लश्कर के साथ शामिल हुए थे।
इस संबंध में देवता आदि ब्रह्मा के पुजारी विकास कात्यायन, कारदार उत्तम राम, गूर जीत राम, चंद्र देव, भंडारी शोभे राम और लंबरदार यशपाल, आशू ने कहा कि देवता ने पवित्र स्नान का आदेश सुनाया था।
इसके बाद परंपरा को पूरा किया गया। कहा कि काफी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं ने भी देवता आदि ब्रह्मा के समक्ष शीश नवाया। हारियानों और लोगों में भी देवता के पवित्र स्नान को लेकर उत्साह देखने को मिला। संवाद