बंजार मेले में देवता श्रृंगा ऋषि और नाटी की प्रस्तुति देते कलाकार।
बंजार (कुल्लू)। घाटी के आराध्य देवता शृंगा ऋषि के आगमन से जिला स्तरीय बंजार मेले का आगाज हो गया है। इस मौके पर देवता की भव्य शोभायात्रा निकली गई। इसमें हजारों की संख्या में क्षेत्र के लोगों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मेले में शरीक हुए देवी-देवताओं के समक्ष माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान भव्य देव मिलन हुआ जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। 16 से 20 मई तक आयोजित किए जाने वाले इस मेले के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं का भी आयोजन किया जाएगा, जबकि देवी-देवता यहां पांच दिन तक अपने अस्थायी शिविरों में बैठकर दर्शन देकर आशीर्वाद देंगे। बंजार मेले में शरीक होने से पहले वीरवार को शृंगा ऋषि स्कीर्ण कंढ़ा तीर्थ स्थल के लिए रवाना हुए थे। यहां से वह शुक्रवार को अपने देवालय लौटे थे और शनिवार को अपने देवालय से पूरे लाव लश्कर के साथ बंजार की ओर निकले और शाम के समय मेला मैदान बंजार पहुंचकर पांच दिवसीय मेले का विधिवत आगाज किया। शृंगा ऋषि के अलावा मेले में घाटी के अन्य देवी-देवता भी पूरे लाव लश्कर के साथ पहुंचे हैं। गौरतलब है कि परंपरा के अनुसार ज्येष्ठ संक्रांति की पूर्व संध्या पर देवता शृंगा ऋषि स्कीर्ण देव यात्रा के तहत अपनी तपोस्थली के लिए प्रस्थान करते हैं और संक्रांति के दिन पुनः अपने मूल स्थान वागी देवालय लौटते हैं। देवता के मेला मैदान में आगमन के साथ ही बंजार मेले का विधिवत शुभारंभ माना जाता है।